स्वास्थ्य विभाग निशुल्क दवा योजना:100 से अधिक दवाइयों की 1 माह से कमी प्रसूता वार्ड में नेपकिन बाहर से खरीद रहे

जिले का स्वास्थ्य विभाग निशुल्क दवा योजना के तहत मरीजों को एक माह से अधिक समय से पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने में नाकारा साबित हो रहा है। जीवनरक्षक व मौसमी बीमारियों की दवाइयों की अनुपलब्धता के चलते मरीज परेशान हो रहे हैं। सबसे बुरे हालात जिला अस्पताल में चल रहे हैं। यहां 1200 से अधिक प्रकार की दवाइयां निशुल्क दवा योजना के तहत मंगवाई जाती है, लेकिन फिलहाल 100 से अधिक प्रकार की दवाइयां अनुपलब्ध है। ऐसे दुर्घटना में घायल मरीज के लिए दर्द से राहत देने वाला ट्रामाडोल इंजेक्शन व उल्टी से राहत के लिए लगने वाला ओंडेम इंजेक्शन, एंटीबायोटिक मेरापिनेम 500 एमजी व 1 ग्राम सहित कई दवाइयां उपलब्ध नहीं है। मेरोनेम 500 एमजी इंजेक्शन त्वचा, फेफड़े, पेट, रक्त और मस्तिष्क के गंभीर संक्रमणों के इलाज में काम आता है। अब हालात ये बने हुए है कि वार्ड में तो सेनेटरी नेपकिन तक परिजनों से मंगवाए जा रहे है। मौसमी बीमारियों की भी पर्याप्त दवा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में सर्दी के मौसम के चलते अस्थमा और सीओपीडी के मरीज सांस में तकलीफ के पहुंच रहे है। इन्हें राहत देने के लिए नेबुलाइजर करवाया जाता है। इसमें दो दवा सालबुटामोल व बुडेकॉर्ट को मिक्स कर नेबुलाइजर किया जाता है लेकिन बुडेकॉर्ट पिछले दो महीने से अधिक समय से उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में अधिकतर मरीजों के स्टाफ एक दवा से काम चला रहा है तो कई मरीज के परिजनों को बाहर से खरीदकर लानी पड़ रही है। अस्पताल में शुगर रोगियों के लिए इंसुलिन ग्लार्जीन, दुर्घटना, बर्न व गंभीर रोगियों के लिए लगने वाली सोडियम क्लोराइड 3% ड्रिप तक नहीं मिल रही है। वहीं निशुल्क दवा काउंटर पर ह्दयरोगियों के लिए एस्प्रिन टेबलेट भी उपलब्ध नहीं है। प्रसूताओं के लिए सेनेटरी नेपकिन भी नहीं होने से परिजनों को बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने पड़ रहे हैं। ऑर्थोपेडिक सर्जरी के बाद मरीज के घाव को संक्रमण से बचाने व नमी से बचाने और ठीक होने में मदद करने के लिए जी ड्रेस (चिपकने वाली पट्टी) लगाई जाती है जो भी बाहर से मंगवानी पड़ रही है। मल्टीविटामिन इंजेक्शन (एमवीआई) लंबे समय से सप्लाई में नहीं है। ऐसे में मरीजों को निशुल्क दवा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। “निशुल्क दवा योजना के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। इनमें से कुछ दवा संबंधित वार्डों में उपलब्ध है। जिला औषध भंडार में दवा की डिमांड भेजी गई है। लोकल स्तर पर दवाइयों की खरीद की जा रही है।” – डॉ. हनुमानराम चौधरी, अधीक्षक, जिला अस्पताल (निशुल्क दवा योजना के बारे में जिला औषध भंडार के जिला परियोजना समन्वय डॉ. जावेद की ओर से पिछले दो दिन से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।) मल्टी विटामिन की सप्लाई नहीं, एस्प्रिन टेबलेट भी नहीं

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