भास्कर न्यूज | कोंडागांव जिला खनिज संस्थान न्यास और जिला विकास समन्वय व निगरानी समिति की बैठक बुधवार को कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में हुई। इसमें बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष व स्थानीय विधायक लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में डीएमएफ की राशि का समुचित उपयोग जिले के निवासियों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सहित क्षेत्र के विकास कार्य में व्यय पर जोर दिया। वहीं किसानों को उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता करने और जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता लाने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया। इस दौरान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, एसपी वाय अक्षय कुमार सहित जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जिले में स्कूल आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत या नए भवनों के कार्यों को प्राथमिकता दें। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह बहुत जरूरी है। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जल्द सभी विभागों से प्रस्ताव तैयार करने निर्देशित किया। साथ ही आदि कर्म योगी अभियान के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन शुरू किया जा रहा है, जो कि तीन माह तक चलेगा। सांसद भोजराज नाग ने कहा कि डीएफएम की राशि का जिले के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सदुपयोग करें। कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का समुचित उपयोग के निर्देश दिए। किसानों को नर्सरी विकसित करने प्रशिक्षण दिलाएं। केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा दौरान कहा कि आवास निर्माण में प्रगति लाने जनप्रतिनिधि भी आगे आएं। साथ ही माओवाद पीड़ित और प्रभावितों के लिए स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि किसानों को खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध हो। जिले में जल जीवन मिशन के प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता लाएं और गांव के शत-प्रतिशत घरों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। महिला व बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले में कुपोषण को दूर करने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से अभियान चलाने की बात कही गई।


