रांची। झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को रिम्स में वर्षों से रिक्त पदों पर नियुक्ति और आवश्यक जांच उपकरण उपलब्ध कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने 6 अगस्त को राज्य सरकार के स्वास्थ्य सचिव और रिम्स निदेशक को सशरीर उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान प्रार्थी ज्योति शर्मा की ओर से अदालत का ध्यान रिम्स के वैसे डॉक्टरों पर दिलाया गया तो निजी प्रैक्टिस भी करते हैं।


