जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाडो योजना और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) सहित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लंबित प्रकरणों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिले की रैंकिंग में सुधार के लिए सेक्टर प्रभारियों को निगरानी बढ़ाने के लिए भी कहा। जिला कलेक्टर ने लाडो योजना में जिले की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से आवश्यक दस्तावेज शीघ्र प्राप्त कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (एनक्वास) के तहत प्रमाणित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने और जिला स्तरीय गुणवत्ता टीम के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। भूमि आवंटन के बाद निर्माण कार्यों में हो रही देरी की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने अतिक्रमण वाले स्थलों पर प्रशासनिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। यूडीआईडी एवं सिलिकोसिस से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पीएमओ, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बोर्ड को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लाखन सिंह ने पंचायती राज विभाग से जुड़े प्रकरणों में समन्वय स्थापित कर पंचायत समिति स्तर पर आवश्यक कार्यों को योजनाओं में शामिल करने की बात कही। सीएमएचओ डॉ. जयंती लाल मीणा ने एक प्रस्तुति के माध्यम से ब्लॉक व संस्था स्तर की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने चतुर्थ एएनसी रजिस्ट्रेशन का अंतर कम करने, कम वजन वाले नवजात क्षेत्रों को चिह्नित करने और एमसीएचएन व पीएमएसएमए दिवसों पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में लिंगानुपात, संपूर्ण टीकाकरण, जेएसवाई, गैर-संचारी रोग और लाडो योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक के दौरान पीएचसी बालाजी को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, पीसीपीएनडीटी अधिनियम और भ्रूण लिंग परीक्षण रोकथाम हेतु जागरूकता कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। बैठक में जिले के चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं बीसीएमओ उपस्थित रहे।


