विधानसभा में बजट सत्र के दौरान भाजपा विधायक राजेश मूणत ने अपनी ही सरकार के मंत्री ओपी चौधरी को घेरने की कोशिश की। उन्होंने प्रश्नकाल में आरोप लगाया कि प्रदेश में लागू मास्टर प्लान को भूमाफियाओं और बिल्डरों से सांठगांठ कर उसका लैंडयूज बदलवा दिया है। इस पर आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मास्टर प्लान के संबंध में 163 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसकी जांच के लिए समिति गठित की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे।
मूणत: 2031 तक जो मास्टर प्लान लागू है उसमें क्या-क्या कमियां निकाली गई हैं? चौधरी: प्रथम दृष्टया कुछ विसंगतियां दिखती हैं। मार्गों की चौड़ाई जैसी 6 प्रमुख बिंदु हैं जिसमें जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
मूणत: इसमें 1487 आपत्तियां थीं, 1031 को खारिज किया गया, शेष आपत्तियों पर समिति ने क्या निर्णय लिया है? एमआर रोड़ को विलोपित कर दें इसका क्या उद्देश्य है?
चौधरी: 1487 आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए थे। उनमें 352 मान्य हुए हैं। 1024 अमान्य हुए हैं। 77 में 4 मार्ग विलोपित किया गया है। 73 को रखा गया है। जिस सड़क की बात कर रहे हैं उसे जांच में सम्मिलित कर सकते हैं।
मूणत: जो 14 रोड विलोपित की गई है उसका पुन: परीक्षण कराएंगे क्या?
चौधरी: ये सड़कें नक्शे में हैं। इसकी सूची जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रकाशित कराई जाएगी।
मूणत: राजकुमार कॉलेज-साइंस कालेज की सड़क की चौड़ाई कम कर कमिर्शियल के लिए खोल दी गई है?
चौधरी: सड़क की चौड़ाई पहले 67 मीटर थी जिसे अब 45 मीटर कर दिया गया है। इसे जांच में शामिल करेंगे। 25 लाख से अधिक किसानों से 149 लाख टन धान खरीदा: बघेल विधानसभा में सोमवार को खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के विभागों के लिए 9,362 करोड़ रुपए अनुदान मांगे ध्वनिमत से पारित कर दी गई। विपक्ष की अनुपस्थिति में बिना कटौती प्रस्ताव के ही अनुदान मांगे पारित हो गईं। चर्चा की शुरुआत भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने की। चर्चा का जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि हमारी सरकार किसानों, गरीबों सहित सभी वर्गाें के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने प्रदेश के 25 लाख 49 हजार 592 पंजीकृत किसानों से 149.25 लाख टन धान की रिकार्ड खरीदी की है। यह राज्य बनने के बाद से अब तक की सर्वोच्च खरीदी है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को समर्थन मूल्य के तहत 34 हजार 348 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। पिछले साल की तुलना में इस साल 4 लाख टन से ज्यादा की खरीदी की मंत्री बघेल ने बताया कि इस साल पिछले साल की तुलना में 77,151 से अधिक किसानों द्वारा अपना धान बेचा गया है। साथ ही पिछले साल की तुलना में इस साल 4 लाख 32 हजार टन से अधिक धान की खरीदी हुई है। इस साल 28 लाख 76 हजार हेक्टेयर रकबा का धान किसानों ने बेचा है। अवैध परिवहन तथा समितियों में बोगस बिक्री को रोकने के लिए जांच दल गठित कर कार्रवाई की गई। 1317 प्रकरण दर्ज कर 69,251 क्विंटल धान तथा 221 वाहनों को जप्त किया गया। कांग्रेस शासनकाल में किसानों को सिर्फ लूटने का काम हुआ: चंद्राकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने 140 विकासखंडों में राशन सामग्री देने की व्यवस्था में कुरूद विधानसभा के मगरलोड का नाम न होने पर तंज कसा। कांग्रेस शासन में 2019-20, 2020-21, 2021-22 तक जितनी अनियमितताएं किसानों के नाम पर हुईं। किसानों को लूटने का काम आजाद भारत में किसी ने नहीं किया होगा। विपक्ष सदन में बार-बार अपनी अनियमितता की जांच की बात करता है तो राज्य सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए।


