आज वर्ल्ड लाफ्टर डे है। जीवन की भागदौड़, तनाव और परेशानियों के बीच हंसी ही एक ऐसी चीज है, जो हमें अंदर से खुश और स्वस्थ बनाए रखती है। यह मनुष्य को ईश्वर द्वारा प्रदत्त सबसे शक्तिशाली उपहार है। हंसने से शरीर में एंडोर्फिन नामक हार्मोन उत्सर्जित होता है, जो शरीर को बेहतर महसूस करने में मदद करता है। एंडोर्फिन एक प्राकृतिक दर्द निवारक और मनोदशा बढ़ाने वाला रसायन है। महज 10 मिनट की हंसी से हम 60 फीसदी तनाव कम कर सकते हैं। इस साल वर्ल्ड लाफ्टर डे की थीम ‘स्वास्थ्य, शांति और खुशी के लिए हंसी’ रखी गई है। अपने अंदर की अभिव्यक्ति है हंसी : हंसी किसी व्यक्ति के अंदर की अभिव्यक्ति है। उसका परिचय है। हंसी के बहुत सारे प्रकार हैं। हंसने में कई मुद्राएं परिलक्षित होती हैं। जिस विचार को धारण करके व्यक्ति हंसता है, वह उसके भीतर की अभिव्यक्ति को प्रकट करता है, वह अपने दुखों को, चिंता को, ईर्ष्या को दूर करने की कोशिश करता है। हंसने से फेफड़े होते हैं शक्तिशाली : लाफिंग यानि अपनी खुशी का इजहार करना है। दुःख से उबरने की मजबूत टेक्निक हंसी है। जो कम-से-कम तीन बार ठहाके मार कर हंसता है, उसे दिल की बीमारी होने की संभावना काफी कम होती है। उसके फेफड़े शक्तिशाली होते हैं। ह भास्कर एक्सपर्ट स्वामी मुक्तरथ, अध्यक्ष, सत्यानन्द योग मिशन हंसने की मुद्राएं बाल मुस्कुराहट {किलकारी हंसी {जीत की हंसी {किसी खास वस्तु को पाने की हंसी {ईर्ष्यालु हंसी {रावण हंसी {देव हंसी {दानव हंसी शुगर व बीपी में मिलती है राहत एंडोर्फिन का स्राव : हंसने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्राव करता है, जो दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। तनाव और चिंता में कमी : हंसने से कोर्टिसोल (तनाव पैदा करनेवाले हार्मोन) कम होते हैं। तनाव और चिंता कम होती है। मन प्रसन्न होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि : हंसने से तनाव कम होता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर ढंग से काम करने में मदद मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभ : हंसी से रक्तचाप कम होता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। इम्यून सेल्स एक्टिव होती है।


