लुधियाना| हज़रत इमाम ए रब्बानी मुजद्दिद अल्फे सानी शेख अहमद फारुकी हनफी नक्शबंदी का सालाना उर्स पाक 21, 22, 23 सितंबर मुताबिक 26, 27, 28 सफरुल मुजफ्फर को श्रद्धापूर्वक आयोजित किया जाएगा। शेख अहमद सरहिंदी 15 जून 1564 ई को सरहिंद में पैदा हुए और अपनी सारी जिंदगी दीन ए इस्लाम की खिदमत में गुजारी। हर सदी में दीन में आ चुकी कमियौं को दुरुस्त करने के लिए अल्लाह एक बुलंद रुतबे वाला मुजद्दिद को पैदा फरमाता है। उलामा के मुताबिक हजरत उमर बिन अब्दुल अज़ीज़ के बाद अगले मुजद्दिद शेख अहमद सरहिंदी हैं। हज़रत सरहिंदी ने तमाम बातिल नज़रियात और इतिहास को रद्द करते हुए इस्लाम और कुफ्र, तोहिद व शिरक, बूत परसती और खुदा परसती में फर्क पैदा किया और दीन इस्लाम को बातिल मजहबों में मिलने से बचाया। देश व विदेश से हजारों श्रद्धालु सरहिंद आते हैं और हज़रत इमाम रब्बानी के फैजा़न से मालामाल हो कर जाते हैं।


