हजारीबाग जिले में स्थित लारा नदी परिसर नए साल के आगमन पर पिकनिक मनाने वालों के लिए पसंदीदा स्थल बन गया है। वर्ष के अंतिम महीने और नववर्ष के स्वागत के लिए यहां बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जो इको-फ्रेंडली तरीके से प्रकृति का आनंद ले रहे हैं। प्रकृति की गोद में बसा यह परिसर अपनी हरियाली, स्वच्छ वातावरण और कल-कल बहती नदी के कारण सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। पिकनिक मनाने आए लोगों का कहना है कि शहरी जीवन की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर यह स्थान उन्हें अद्वितीय शांति और प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रहे सैलानी इस वर्ष लारा नदी परिसर में पिकनिक मनाने का तरीका खास है। पर्यटक न केवल स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। कई सैलानियों ने बताया कि वे प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए इको-फ्रेंडली पिकनिक मना रहे हैं। प्लास्टिक के उपयोग से परहेज पर्यावरण-अनुकूल पिकनिक के तहत प्लास्टिक के उपयोग से परहेज किया जा रहा है। खाने के लिए पत्तों से बने पत्तल और दोने का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे प्लास्टिक प्रदूषण कम होता है और आसपास के जीव-जंतुओं तथा पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता। इसके अतिरिक्त, पर्यटक अपना कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय वापस अपने साथ ले जाकर निर्धारित डस्टबिन में डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने अपील की है कि यदि सभी व्यक्ति इसी तरह स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखें, तो ऐसे प्राकृतिक स्थल लंबे समय तक सुरक्षित और सुंदर बने रह सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और आम नागरिकों से लारा नदी परिसर की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।


