हजारीबाग के डोमचांच थाना क्षेत्र के लेंगरापीपर गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई। हजारीबाग में पीजी की पढ़ाई कर रही 29 वर्षीय ममता कुमारी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। ममता कुमारी इन दिनों हजारीबाग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही थी। रक्षाबंधन के मौके पर वह अपने पैतृक गांव लेंगरापीपर स्थित घर आई हुई थी। परिवार वालों का कहना है कि वह हमेशा खुशमिजाज रहती थी और उसकी पढ़ाई भी ठीक-ठाक चल रही थी। खेत में तबीयत बिगड़ने के बाद छोड़ा घर रविवार की दोपहर ममता अपने पिता कृष्ण नारायण मेहता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत में धान की फसल में खाद डालने गई थी। अचानक खेत में उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद पिता ने उसे घर छोड़ दिया और फिर खुद वापस खेत चले गए। कमरे में लटकता मिला शव शाम के समय जब परिवार के लोग घर लौटे तो ममता का कमरा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर परिजन जबरन अंदर घुसे। वहां ममता का शव पंखे से लटकता हुआ देखा गया। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग बेसुध हो गए और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत डोमचांच थाना पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। इसके बाद ममता के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। कारणों की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। वहीं, ममता की असामयिक मौत से गांव के लोग भी सदमे में हैं। परिजन लगातार रो-रोकर बेहाल हैं।


