हजारीबाग में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने न्यायिक हिरासत में बंद कारोबारी विनय सिंह के डेमोटांड़ स्थित शोरूम को अस्थायी रूप से सील कर दिया है। यह कार्रवाई सोमवार को की गई, जिसके बाद मंगलवार को प्रतिष्ठान के बाहर नोटिस चस्पा किया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को घेर रखा था एसीबी की टीम ने रविवार सुबह करीब 7:30 बजे से शोरूम में जांच शुरू की थी, जो देर शाम तक लगभग आठ घंटे चली। जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद सोमवार को शोरूम को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को घेर रखा था और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। एसीबी द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में बताया गया है कि रांची थाना कांड संख्या 9/25 (दिनांक 20 मई 2025) के अनुसंधान के क्रम में तलाशी अभियान पूरा नहीं हो सका था। इसी कारण शोरूम को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखा और कहा कि आधिकारिक जानकारी रांची मुख्यालय से ही साझा की जाएगी। जांच के सिलसिले में यह सीलिंग की कार्रवाई की गई एसीबी डीएसपी शातीक अनवर रिजवी ने पुष्टि की है कि विनय सिंह के खिलाफ भूमि घोटाला और शराब घोटाला दोनों मामलों की जांच जारी है। इसी जांच के सिलसिले में यह सीलिंग की कार्रवाई की गई है। सूत्रों के अनुसार, विनय सिंह हजारीबाग के तत्कालीन उपायुक्त विनय चौबे के करीबी रहे हैं, और दोनों मामलों की कड़ियां आपस में जुड़ी मानी जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि आईएएस अधिकारी विनय चौबे को 19 अगस्त को झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में एसीबी की विशेष अदालत ने जमानत दे दी थी। हालांकि, वे वर्तमान में जमीन घोटाले के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं। एसीबी की इस कार्रवाई से जिले में हलचल मच गई है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। ऐसी अटकलें हैं कि आने वाले दिनों में एसीबी इस मामले में और भी खुलासे कर सकती है।


