हजारीबाग | जिले में मवेशियों में फैलने वाली खतरनाक बीमारी लंपी स्किन डिजीज ने एक बार फिर दस्तक दी है। इस बीमारी की पहचान मवेशियों के शरीर पर उभरने वाली गांठें हैं, जो एक संक्रमित जानवर से दूसरे में तेजी से फैलती हैं। बीमारी के दौरान मवेशी बुखार से पीड़ित हो जाते हैं और चारा-पानी छोड़ देते हैं। ताज़ा मामला हजारीबाग गौशाला का है, जहां दो मवेशी लंपी की चपेट में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, ये मवेशी बाहर से आए थे, जिन्हें उनके मालिकों ने छोड़ दिया था और बाद में वे गौशाला पहुंचे। संक्रमण की पुष्टि होते ही सदर प्रखंड के पशु चिकित्सक स्मृति सिन्हा को सूचना दी गई। सूचना पर गौशाला सचिव श्रद्धानंद सिंह, सीओ सदर मयंक भूषण और मुफ्फसिल थाना प्रभारी कुणाल किशोर मौके पर पहुंचे। गौशाला परिसर में नीम पत्तियों का घोल, चुना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर सेनेटाइजेशन अभियान चलाया गया। संक्रमित मवेशियों को तुरंत अलग कर उपचार शुरू किया गया है। गौशाला मैनेजर योगेंद्र मिश्रा ने बताया कि दो दिन पहले मवेशियों के शरीर पर सैकड़ों गांठें दिखाई दी थीं।


