दमोह के हटा जनपद में शुक्रवार को हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में रोचक मोड़ देखने को मिला। दोनों प्रत्याशियों गंगाराम पटेल और शैलेश पटेल को 8-8 वोट मिले। ऐसे में ड्रॉ कराया गया, जिसमें गंगाराम पटेल विजयी घोषित हुए। चुनाव में कुल 16 जनपद सदस्यों ने मतदान किया। शैलेश पटेल हटा विधायक उमा देवी खटीक के करीबी हैं, जबकि गंगाराम पटेल पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के समर्थक हैं। चुनाव के दौरान विधायक उमादेवी की मौजूदगी को लेकर विवाद भी हुआ, लेकिन लकी ड्रॉ से फैसला होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। यह चुनाव पूर्व जनपद अध्यक्ष इंद्रपाल पटेल को पद से हटाए जाने के बाद कराया गया। इंद्रपाल को 2018 के एक हत्याकांड में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद कलेक्टर सुधीर कोचर ने उन्हें पद से हटा दिया था। इंद्रपाल शिवचरण पटेल के बेटे हैं और उन्होंने जेल में रहते हुए भी चुनाव जीता था। विधायक के खिलाफ नारेबाजी चुनाव प्रक्रिया के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पटेल ने समर्थकों के साथ विधायक उमा देवी खटीक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए। पटेल ने कहा की विधायक निर्वाचन कक्ष में बेरोकटोक आ-जा रही हैं। कई बार कलेक्टर और एसपी को भी कॉल किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। दोनों ही अध्यक्ष पद के दावेदार बीजेपी समर्थक हैं। इसके बाद भी विधायक इस निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। विधायक ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।


