सिवनी पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे दो आरोपियों को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई तलवार और स्कूटी भी जब्त की है। यह कार्रवाई सिवनी जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए की जा रही है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने जिले में अवैध गतिविधियों, गुंडागर्दी और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रद्धा सोनकर के मार्गदर्शन में यह गिरफ्तारी हुई। पुरानी रंजिश में तलवार से जानलेवा हमला घटना 14 दिसंबर की रात लगभग 10:30 बजे डूंडा सिवनी थाना क्षेत्र के बारापत्थर में हुई थी। पुरानी रंजिश के चलते युवराज उर्फ बहादुर टेकाम और उसके साथी साहिल खरे व शिवा दुबे ने मिलकर आर्यन धुर्वे और उसके दोस्त अमन घरते पर जान से मारने की नीयत से तलवार से हमला किया था। इस हमले में आर्यन धुर्वे और अमन घरते को गंभीर चोटें आई थीं। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस घटना के बाद थाना कोतवाली में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने पहले एक आरोपी को पकड़ा था, दो फरार था पुलिस की ओर से गठित विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी युवराज उर्फ बहादुर टेकाम को 6 जनवरी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया था। तब से फरार चल रहे अन्य दो आरोपी साहिल खरे और शिवा दुबे की लगातार तलाश की जा रही थी, जिन्हें अब रात के समय गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी साहिल खरे के खिलाफ कोतवाली सिवनी थाने में मारपीट के दो और जुआ एक्ट के तहत एक प्रकरण दर्ज है। वहीं, आरोपी शिवा दुबे के खिलाफ डूंडा सिवनी थाने में मारपीट के सात आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक जयदीप सेंगर, प्रधान आरक्षक मुकेश गोंडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, विनय सेंगर, पंकज सोलंकी, महेन्द्र पटेल, अजय युवनाती और इरफान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


