हनुमानगढ़ में राष्ट्रीय किसान दिवस पर एसकेडी यूनिवर्सिटी के कृषि विभाग में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया और खेती में नवाचार व टिकाऊ तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय किसान दिवस हर साल पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने किसानों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार रणवीर सिंह थे। विशिष्ट अतिथियों में जय नारायण बेनीवाल, दयाराम जाखड़, अजय जग्गा, नरेन्द्र यादव और कृष्ण कड़वासरा शामिल रहे। फरवरी में लगेगा अंतरराष्ट्रीय कृषि मेला
श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि किसान का बेटा ही खेत की वास्तविक जरूरतें समझ सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतियां तभी सफल होंगी जब किसान स्वयं नई तकनीकों और प्रयोगों को अपनाएंगे।
जुनेजा ने यह भी घोषणा की कि फरवरी 2026 में एसकेडी परिसर में एक अंतरराष्ट्रीय कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में देश-विदेश के विशेषज्ञ और कंपनियां भाग लेंगी। संगोष्ठी के दौरान जय नारायण बेनीवाल और दयाराम जाखड़ ने गोबर से जैविक खाद बनाने, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसल विविधीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर बलवेंद्र राम, भजन लाल शर्मा, सुखराम, दीनू कुमार, रविन्द्र जीत सिंह, बलविन्द्र सिंह, सर्वजीत सिंह, मनिंदर सिंह, नरेन्द्र यादव सहित कई प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में केंचुआ खाद का वितरण भी किया गया। संगोष्ठी का संचालन डॉ. अभिनव कुमार, डॉ. अंकित कुमार और छात्रा मुस्कान ने किया।


