हनुमानगढ़ में गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़ा बदलाव:पहली बार होगा बायोमैट्रिक सत्यापन, बिचौलियों पर लगेगी रोक

हनुमानगढ़ जिले में इस वर्ष गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब किसानों का बायोमैट्रिक सत्यापन जनआधार के माध्यम से सीधे खरीद के समय किया जाएगा। यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने और बिचौलियों को खत्म कर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सीधा लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह नई व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बायोमैट्रिक सत्यापन से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि वास्तविक किसान ही अपनी उपज बेच पाएं और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके। पिछले वर्ष जिले में गेहूं खरीद के लिए कुल 58 केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों के माध्यम से 46,718 किसानों से 8.62 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। इसके एवज में किसानों को 2219 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। पिछले साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित था। राज्य सरकार द्वारा दिए गए 150 रुपए प्रति क्विंटल के बोनस के साथ किसानों को कुल 2575 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान मिला था। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, हालांकि राज्य सरकार के बोनस को लेकर अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है।
इस वर्ष जिले में गेहूं की बुआई का कुल रकबा 2 लाख 39 हजार 300 हेक्टेयर रहा है। कृषि विभाग को इस साल गेहूं के उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे किसानों को बेहतर उपज का लाभ मिल सकेगा।

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