हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव के निर्देशन में शनिवार को जिले के स्कूलों में “नो बैग डे” पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान आयुर्वेद विभाग के प्रशिक्षित योगाचार्यों ने स्टूडेंट्स को विविध योगासन और प्राणायाम करवाए। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक करना रहा।
आयुर्वेद विभाग की इस पहल के तहत स्कूलों में आयोजित योग सत्रों ने स्टूडेंट्स को शारीरिक व मानसिक रूप से जागरूक किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। योगाभ्यास से न केवल शरीर तंदुरूस्त रहता है बल्कि नशे जैसी प्रवृत्तियों से भी बचाव संभव है। आयुर्वेद और शिक्षा विभाग का संयुक्त प्रयास उपनिदेशक आयुर्वेद डॉ. तीर्थ कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के 49 आयुष्मान आरोग्य मंदिर औषधालयों में प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए स्कूल स्तर पर भी स्टूडेंट्स को योग के माध्यम से जीवन में अनुशासन और स्वास्थ्य का महत्व समझाया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कडेला ने भी कहा कि प्रतिदिन योग करने से स्टूडेंट्स की स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
प्राणायाम और आसनों से मिली ऊर्जा कार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास किया, जो एकाग्रता और मानसिक शांति प्रदान करते हैं। इसके अलावा ताड़ासन, हलासन, चक्रासन, सूर्यनमस्कार और ग्रीवा संचालन जैसे आसनों से शरीर में लचीलापन आया और बच्चों में ऊर्जा का संचार हुआ। योग प्रशिक्षकों ने बच्चों को यह भी समझाया कि नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और तनाव दूर होता है। कार्यक्रम में जिले के लगभग 100 स्कूलों के करीब 7500 स्टूडेंट्स ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी संपत्ति है। स्टूडेंट्स ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लेते हुए प्रतिदिन योग करने का वचन भी दिया।


