हनुमानगढ़ जिले में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। बुधवार सुबह जिला मुख्यालय पर हल्की धुंध छाई रही, जो करीब 9 बजे के बाद छंट गई और धूप खिल गई। शहरी क्षेत्रों में धूप निकलने से ठंड से काफी राहत मिली। हालांकि, ग्रामीण इलाकों और खेतों के आसपास सुबह के समय घनी धुंध बनी रही, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। मौसम साफ होने के साथ ही तापमान में भी धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बाद तापमान में यह बढ़ोतरी आमजन के लिए राहत लेकर आई है। सुबह और शाम की ठंड अभी भी बनी हुई है, लेकिन दिन में धूप निकलने से सर्दी का प्रभाव कम हो रहा है। किसानों को मावठ का इंतजार
जहां एक ओर बदले मौसम से आमजन को राहत मिली है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान इस समय मावठ (शीतकालीन वर्षा) का इंतजार कर रहे हैं, ताकि रबी फसलों को पर्याप्त नमी मिल सके। इस वर्ष अब तक मावठ न होने के कारण खेतों में नमी की भारी कमी है। कोहरा छंटने के बाद नमी और तेजी से खत्म होने की आशंका है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता बढ़ गई है। नहर में नया रेगुलेशन लागू
इस बीच, जल संसाधन विभाग ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में नया रेगुलेशन लागू कर दिया है। नए रेगुलेशन के तहत, अब 3 में से केवल एक समूह को चलाकर नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को गेहूं की फसल के लिए सीमित सिंचाई ही मिल पाएगी। अनुमान है कि गेहूं के पकाव के समय किसानों को केवल 2 बार ही पानी उपलब्ध हो सकेगा। इन परिस्थितियों के कारण जिले के करीब 2.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई गेहूं की फसल पर संकट गहरा गया है। किसान नेताओं का कहना है कि पर्याप्त सिंचाई जल न मिलने पर गेहूं के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। किसानों की उम्मीदें अब मौसम में और बदलाव तथा मावठ की बारिश पर टिकी हैं।


