हनुमानगढ़ में सेवा पखवाड़े के अवसर पर वन विभाग ने कोहला स्थित लवकुश वाटिका में विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मियावकी पद्धति से 2000 पौधों का रोपण किया गया। वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी कपिल चौधरी ने मियावकी पद्धति के बारे में जानकारी दी। यह पौधारोपण की एक विशेष तकनीक है। इसमें सीमित जगह में अधिक पौधे लगाए जाते हैं। यह प्राकृतिक जंगल जैसा वातावरण तैयार करती है। इस तकनीक से पौधों की वृद्धि तेज होती है। कार्यक्रम में भाजपा नेता अमित चौधरी और पूर्व पार्षद हिमांशु महर्षि विशेष मेहमान के रूप में मौजूद रहे। अमित चौधरी ने कहा कि पौधारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। हिमांशु महर्षि ने लोगों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल की अपील की। वन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साह से कार्यक्रम में भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पौधे लगाए। विभाग ने इन पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों ने स्वच्छ और हरित वातावरण के लिए ऐसे अभियानों को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की। कार्यक्रम के समापन पर वन विभाग ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही यह संदेश दिया कि पौधारोपण की सफलता पौधों की निरंतर देखभाल पर निर्भर करती है। इस मौके पर जीवराज सिंह, सुरेन्द्र बिश्नोई, मोनिका बिश्नोई, जगदीश कुमार, सुरेश कुमार, ज्योति, अरूणा, प्रियंका सहित अन्य वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।


