राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली की ओर से संचालित सिंधी लैंग्वेज लर्निंग कोर्स की परीक्षा में हनुमानगढ़ में 213 छात्र शामिल हुए। वर्ष 2025 की यह परीक्षा प्रदेशभर के 25 केंद्रों पर आयोजित की गई। भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास के माध्यम से इस परीक्षा का आयोजन हुआ। हनुमानगढ़ में परीक्षा केंद्र जंक्शन स्थित शिशु शिक्षा सदन उच्च माध्यमिक विद्यालय, सिंधी मोहल्ला में बनाया गया था। जिला परीक्षा प्रभारी घनश्यामदास मेघवानी ने बताया कि परिषद 3 स्तर के पाठ्यक्रम संचालित करती है। इनमें सिंधी सर्टिफिकेट कोर्स, सिंधी डिप्लोमा कोर्स और सिंधी एडवांस डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं। इन कोर्सों की नियमित कक्षाएं 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक सिंधी भाषा अध्ययन केंद्र पर संचालित की गई थीं, जहां निर्धारित पाठ्यक्रम पूरा करवाया गया। 60 स्टूडेंट्स रहे एबसेंट
हनुमानगढ़ केंद्र पर कुल 273 विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया था, जिनमें से 213 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित हुए। परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा केंद्र पर भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार तीर्थानी, हनुमानगढ़-गंगानगर संभाग प्रभारी घनश्यामदास हरवानी, पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष खजानचंद शिवनानी, भारतीय सिंधु सभा जंक्शन इकाई अध्यक्ष धर्मदास सावलानी और टाउन इकाई अध्यक्ष मनोहर बाबानी मौजूद रहे। परीक्षा व्यवस्था का किया अवलोकन
पूज्य सिंधी पंचायत एवं भारतीय सिंधु सभा के पदाधिकारियों मुरलीधर सखीजा, पवन टेकवानी, टीकम कटारिया, आसनदास रुघुवानी, प्रेम पेशवानी, मोहन भारवानी और प्रदीप ज्ञानानी ने भी परीक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया।
परीक्षा के बाद भारतीय सिंधु सभा हनुमानगढ़ जंक्शन इकाई की ओर से अध्यक्ष धर्मदास सावलानी के नेतृत्व में सभी परीक्षार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के कोर्स सिंधी भाषा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


