हनुमानगढ़ में कृषि नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अंतरराज्यीय कृषक भ्रमण दल को शनिवार को रवाना किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने जिला कलेक्टर परिसर से इस दल को हरी झंडी दिखाई। यह भ्रमण दल कृषि विभाग की आत्मा योजना के तहत भेजा जा रहा है। इस दल में जिले की सभी पंचायत समितियों से चयनित 50 युवा प्रगतिशील किसान शामिल हैं। यह दल 8 फरवरी से 14 फरवरी तक सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर रहेगा। उपनिदेशक कृषि (आत्मा) सुभाष चंद्र डूडी ने बताया कि भ्रमण के दौरान किसान हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों तथा पशुपालन व डेयरी संस्थानों का दौरा करेंगे। इनमें चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, केंद्रीय गेहूं अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दल आईसीएआर के भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान व केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम (मेरठ), सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, नई दिल्ली का भी भ्रमण करेगा। इन संस्थानों में किसान वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों से संवाद करेंगे। वे सजीव प्रदर्शनों के माध्यम से उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करेंगे। भ्रमण में उन्नत बीज किस्में, सिंचाई जल प्रबंधन, मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक व कीटनाशी उपयोग जैसे विषयों पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, समेकित खेती प्रणाली, जैविक खेती, संरक्षित खेती, उद्यानिकी, व्यवसायिक पशुपालन, वैज्ञानिक प्रबंधन और फसल अवशेष प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी किसानों को शिक्षित किया जाएगा। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने भ्रमण दल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने किसानों से इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने और प्राप्त ज्ञान व अनुभव को अपने गांवों के अन्य किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे हनुमानगढ़ जिले में आधुनिक खेती को अपनाने में मदद मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। भ्रमण दल के समन्वय के लिए उपपरियोजना निदेशक आत्मा करणजीत सिंह को प्रभारी और सहायक कृषि अधिकारी गुरमेल सिंह को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर उपनिदेशक उद्यान डॉ. रमेश चंद्र बराला, सहायक निदेशक कृषि डॉ. संजीव भादु सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।


