कोटा के जवाहर नगर इलाके में ओपेरा अस्पताल के सामने तीन मंजिला रेस्टोरेंट ढ़हने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं 15 लोग घायल है। हादसा पूरी तरह से निगम की लापरवाही, बिल्डिंग मालिक की लापरवाही की वजह से हुआ। जो रेस्टोरेंट ढ़हा है और इसके पास वाले मुरादाबादी रेस्टोरेंट को दो महीने पहले भी बंद करवाया गया था लेकिन फिर से इन लोगों ने यहां पर काम शुरू कर दिया। इसके बाद न तो निगम ने कभी यहां आकर देखा न कोई जांच की। भास्कर ने जब जानकारी जुटाई तो सामने आया कि बिल्डिंग पूरी तरह से अवैध थी। पार्षद योगेश आहलूवालिया ने बताया जो बिल्डिंग गिरी है वह 200 वर्गफीट का प्लॉट था जो कि दुकान के लिए अलॉट हुआ था। लेकिन भूखंड मालिक ने यहां तीन मंजिला बिल्डिंग बना ली। बिल्डिंग बनाने से पहले किसी तरह की कोई परमिशन नहीं ली गई। देखादेख पास की दुकान संचालकों ने भी तीन तीन मंजिला बिल्डिंग बना दी। उन्होंने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक दुकान से आगे फुटपाथ तक अतिक्रमण करते थे। एक साल पहले इनके अतिक्रमण हटवाए गए थे। इन्हें चेतावनी भी दी गई थी। लेकिन बार बार ये फिर से अतिक्रमण कर लेते थे। ऐसे में दो महीने पहले ही वापस से यहां पर कार्यवाही की थी। इनका अतिक्रमण हटवाया था और रेस्टोरेंट भी बंद करवा दिया था। योगेश ने बताया कि यहां काम बंद करवा दिया था लेकिन पंद्रह बीस दिन बाद फिर से रेस्टोरेंट चालू हो गया। फूड लाइसेंस नहीं, बिना अनुमति चल रहा था रेस्टोरेंट
पार्षद योगेश ने बताया कि दो महीने पहले जब यहां काम बंद करवाया था उस समय इनके फूड लाइसेंस मांगे थे। इनके पास कोई फूड लाइसेंस नहीं था। इस रेस्टोरेंट के पास चलने वाले मुरादाबादी रेस्टोरेंट के पास भी कोई फूड लाइसेंस नहीं था। ऐसे में इनका काम बंद करवा दिया गया था लेकिन ये लोग लड़ाई झगड़ा करके फिर से काम चालू कर लेते थे। निगम को भी कई बार इनके अतिक्रमण हटाने और जांच के लिए कहा था। जहां हादसा हुआ वह जगह कोचिंग एरिया में है। स्टूडेंटस की भीड़ इलाके में रहती है। ऐसे में यहां दुकानदारों ने छोटी छोटी दुकानों को तीन तीन मंजिला बना लिया। जिस जगह हादसा हुआ, वहीं एक साथ चार रेस्टोरेंट है। लेकिन इनमें किसी के पास फूड लाइसेंस नहीं है। हादसे के बाद अब ये रेस्टोरेंट बंद है। दुकान खुली छोड़ भाग गए रेस्टोरेंट स्टाफ
जो बिल्डिंग ढ़ही उसके पास मुरादाबादी रेस्टोरेंट है। ये रेस्टोरेंट पूरी तरह अवैध है। बिल्डिंग के आगे अतिक्रमण कर दुकान बना ली गई और उसी में रेस्टोरेंट संचालित किया जाता है। हादसे के बाद से यहां का स्टाफ फरार है। रविवार सुबह जब भास्कर टीम वापस मौके पर पहुंची तो मुरादाबादी रेस्टोरेंट खुला हुआ था। किचन में जो खाना बना हुआ था वैसे का वैसे रखा था, धूल मिटटी और हादसे के बाद मची भगदड़ के निशान नजर आ रहे थे। रेस्टोरेंट मालिक को तलाशने की कोशिश की, उसके नबंर पर भी कॉल किए लेकिन नंबर बंद थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालकों ने यहां दादागिरी की हुई थी। कोई विरोध करता तो लड़ाई झगड़ा करते थे, अवैध तरीके से यहां पर रेस्टोरेंट संचालित हो रहे थे। नॉनवेज रेस्टोरेंट चलाए जा रहे थे जिसका लोग विरोध करते थे क्योंकि यहां देर रात तक लोगों की भीड़ जमा रहती थी।


