हरदा जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और वार्डबॉय ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ठेकेदार पर वेतन कटौती और शोषण के आरोप लगाते हुए कलेक्टर से सीधे मिलने की मांग की, जिस पर हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस बल बुलाना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में सेवा दे रही ठेका एजेंसी ज्यूस इंटरप्राइजेज, भोपाल द्वारा उनके मासिक मानदेय में लगातार कटौती की जा रही है। कर्मचारियों के मुताबिक उन्हें तय 16 हजार रुपए के बजाय सिर्फ 8 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा, पीएफ की सुविधा नहीं मिल रही और चार दिन की छुट्टी का प्रावधान भी लागू नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर से मिलने पर अड़े कर्मचारी कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान अपर कलेक्टर कर्मचारियों से मिलने पहुंचे, लेकिन कर्मचारी कलेक्टर से ही बातचीत की मांग पर अड़े रहे। इसी दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच गहमागहमी हो गई। कलेक्ट्रेट के भीतर नारेबाजी की गई, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की मदद से कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। इसके बाद भी कर्मचारी कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना देकर बैठे रहे। अस्पताल में सफाई व्यवस्था प्रभावित प्रदर्शन का असर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी दिखा। कर्मचारियों के अनुसार सुबह से अस्पताल में सफाई का काम नहीं हो पाया, जिससे वार्डों और परिसर में गंदगी की स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायत करने पर हटाने की धमकी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन कटौती की शिकायत करने पर सुपरवाइजर द्वारा ठेकेदार से शिकायतकर्ता को हटाने की धमकी दी जाती है। कुछ कर्मचारियों को अज्ञात लोगों द्वारा गाली-गलौज और पैसे लेने के झूठे आरोप लगाकर नौकरी से निकालने की चेतावनी भी दी गई है। स्थिति को संभालने के लिए एएसपी अमित कुमार मिश्रा और एडीएम पुरुषोत्तम कुमार मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन ने उनकी मांगों पर चर्चा का आश्वासन दिया है, हालांकि कर्मचारी लिखित और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।


