हरदा जिला अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा गार्डों और वार्डबॉय ने मंगलवार शाम से धरना शुरू कर दिया है। वेतन वृद्धि पर ठेकेदार से सहमति न बनने और कथित वेतन कटौती से नाराज होकर कर्मचारियों ने यह कदम उठाया है। कर्मचारियों ने ठेकेदार ज्यूस इंटरप्राइजेज, भोपाल पर वेतन कटौती और शोषण का आरोप लगाया है। इससे पहले, 17 दिसंबर को भी इन आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया था और कलेक्टर से शिकायत की थी। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें निर्धारित 16 हजार रुपए के बजाय केवल 8 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। मंगलवार को ठेकेदार हरदा पहुंचा था, जहां कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की बात की। ठेकेदार ने 9500 रुपए प्रतिमाह देने और हर साल 500 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, कर्मचारी कम से कम 10500 रुपए प्रति माह मानदेय की मांग कर रहे हैं। ओवरटाइम का भुगतान नहीं करने का आरोप
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि उन्हें ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा है, पीएफ की सुविधा नहीं मिल रही है और चार दिन की छुट्टी का प्रावधान भी लागू नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि जब उन्होंने ठेकेदार से कलेक्टर दर पर मानदेय देने की बात कही, तो उसका कहना था कि उसे ‘और भी लोगों को रुपया देना पड़ता है’। कर्मचारियों के अनुसार, ठेकेदार खाना खाने की बात कहकर गया, लेकिन चार घंटे बाद भी नहीं लौटा। इसके बाद कर्मचारियों को मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ा। जिला अस्पताल में लगभग 60 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके धरने पर बैठने से अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। धरना फिलहाल एक घंटे से जारी है। ये हैं प्रमुख मांगे


