हरदा में दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए वनपाल नितिन सिंह तोमर को निलंबित कर दिया गया है। हरदा वनमंडल अधिकारी (उत्पादन) नरेंद्र पंडवा ने यह आदेश जारी किया है। नितिन तोमर 48 घंटे से ज्यादा समय तक न्यायिक हिरासत में रहे, जिसके चलते उन्हें सेवा से सस्पेंड किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विवाहित होने के बावजूद एक युवती को पत्नी बनाकर रखा था। आरोप है कि नितिन सिंह तोमर ने विवाहित होने के बावजूद एक युवती को अपनी पत्नी बनाकर रखा था और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध से उनका एक बेटा भी है। इसी मामले में पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। दुष्कर्म और SC/ST एक्ट में केस दर्ज
आरोपी वनपाल के खिलाफ महिला थाना में अपराध क्रमांक 58/25 दर्ज है। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) एन और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3 (2) V लगाई गई है। उन्हें 13 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया और अगले दिन 14 नवंबर को विशेष न्यायालय हरदा में पेश किया गया। न्यायालय ने जेल वारंट जारी करते हुए नितिन सिंह तोमर को जिला जेल हरदा भेज दिया। वे वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में हैं और मामले की जांच जारी है। 48 घंटे हिरासत में रहने पर हुआ निलंबन
परिक्षेत्र अधिकारी मकड़ाई (उत्पादन) के आवेदन और कोर्ट की ऑर्डर शीट में बताया गया कि वनपाल गिरफ्तारी के बाद चार दिनों तक न्यायिक अभिरक्षा में रहे। मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत, 48 घंटे से अधिक न्यायिक हिरासत में रहने पर शासकीय कर्मचारी को निलंबित किया जाता है। इसी नियम के तहत नितिन को 14 नवंबर 2025 से निलंबित माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान आरोपी वनपाल का मुख्यालय परिक्षेत्र उत्पादन रहटगांव रहेगा।


