हरदा जिले में बीती रात मौसम के अचानक बदलने से भारी ओलावृष्टि हुई। जिले की हंडिया तहसील के एक दर्जन से अधिक गांवों में करीब 15 मिनट तक बेर के आकार के ओले गिरे। इससे खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और मक्का सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर सोनतलाई, पांचातलाई, जामली, करनपुरा, कचबेड़ी, बिछोला, सेनगुड़, हनीफ़ाबाद और डोमरी सहित 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में देखा गया। सोनतलाई गांव ओलावृष्टि का केंद्र रहा, जहां रबी सीजन की फसलों को लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। युवा किसान विवेक बेड़ा ने बताया कि अकेले सोनतलाई गांव में ही तीन हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसल ओलावृष्टि में बर्बाद हो गई है। वहीं, ग्राम सोनतलाई के किसान हरिचंद जाट के अनुसार, उन्होंने 40-45 साल पहले ऐसी ओलावृष्टि देखी थी, जिससे क्षेत्र की फसलों को इतना भारी नुकसान हुआ था।
10 फरवरी को बेटियों की शादी, अब कर्ज का सहारा ग्राम बिछोला के किसान रघुवीर सिंह राजपूत ने बताया कि उन्होंने 20 एकड़ में गेहूं की फसल लगाई थी, जो पूरी तरह बर्बाद हो गई है। आगामी 10 फरवरी को उनकी दो बेटियों की शादी होनी है। फसल से होने वाली आय से शादी का खर्च उठाने की उम्मीद थी, लेकिन अब उन्हें कर्ज लेने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। बीमा कंपनी मांग रही पॉलिसी नंबर ग्राम कचबेड़ी के किसान रामशंकर जाट ने बीमा संबंधी समस्या बताई। उनके अनुसार, बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर पॉलिसी नंबर मांगा जा रहा है, जो किसानों के पास उपलब्ध नहीं है। 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज न होने पर बीमा लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होगी। किसान नेता पवन विश्नोई ने प्रशासन और सरकार से जल्द से जल्द प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर किसानों को बीमा और राहत राशि प्रदान करने की मांग की है।


