हरदा जिले में कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम (आत्मा) के तहत रहटगांव तहसील के शासकीय कृषि प्रक्षेत्र पानतलाई में बायो रिसोर्स सेंटर और प्रशिक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को जैविक खेती के अलग-अलग पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी अर्क और किण्वित छाछ जैसे जैविक उत्पादों को बनाने की विधि शामिल है। विकासखंड तकनीकी प्रबंधक डॉ. श्रीचंद जाट के नेतृत्व में अब तक 735 किसानों को यह प्रशिक्षण दिया जा चुका है। केंद्र की एक और खास बात यह है कि किसानों को लागत मूल्य पर जैविक कृषि के घटक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विशेष रूप से 4,850 लीटर वेस्ट डी-कम्पोजर का वितरण किया गया है, जिसका उपयोग फसल कटाई के बाद बचे हुए ठूंठ को प्राकृतिक रूप से अपघटित करने के लिए किया जाता है। इससे फसल अवशेष जलाने की समस्या से निजात मिलती है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। यह पहल हरदा के किसानों के लिए जैविक खेती अपनाने और फसल उत्पादन को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।


