वार्ड 35 के इलाका हरदेव एन्क्लेव में बने गुरुद्वारा बाबा तारा सिंह पर कब्जे को लेकर हालात तनावपूर्ण बन गए। एक गुट ने कहा कि गुरुद्वारा उनकी जमीन पर बना है जिसपर उनका हक है और वह कई साल से यहां सेवा कर रहे हैं। वहीं दूसरे गुट का कहना था कि यह गुरुद्वारा उनके पिता की याद में बनाया है जिस पर उनका हक होना चाहिए। जबकि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर रसीद काटने की पर्ची से जमा होने वाले पैसे का हिसाब न देने के आरोप भी लगाए। वहीं मौके पर पहुंची वल्ला पुलिस ने दोनों गुटों को सोमवार सुबह थाने में बुलाया है। बलकार सिंह ने बताया कि वह आर्मी से रिटायर होकर गुरुद्वारा में सेवा का काम करने लगे। हरदेव एन्क्लेव में स्थित गुरुद्वारा बाबा तारा सिंह बना हुआ है। उनके पिता जी पहले बाबा जी के साथ रहते थे और सेवा करते थे। फिर जब बाबा जी चलाना कर गए तो संगत के सहयोग से गुरुद्वारा उनकी याद में बनाया गया। उसके बाद उनके पिता की भी मौत हो गई। उसके बाद वह 1987 से रिटायर होकर इस गुरुद्वारा में सेवा कर रहे हैं। उनका गुरुद्वारा वल्ला की जमीन में आता है और यह गुरुद्वारा उन्होंने अपनी जमीन में ही बनाया है। इसके साथ ही अपना घर भी बनाया है। गुरुद्वारा और घर की दीवार साझी है। बलजीत ने गुरुद्वारा में निहंग सिंह बिठा दिए हैं जबकि जमीन उनके नाम पर है, कमेटी उनके नाम पर है। फिर भी कब्जे की नीयत से सारा खेल खेला जा रहा है। उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। इस संबंध में पुलिस को वल्ला पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई लेकिन उन्होंने उनकी रिपोर्ट नहीं ली। इसके बाद जंडियाला में रिपोर्ट दी लेकिन उन्होंने भी शिकायत लेने से मना कर दिया। इसके बाद सभी इलाका निवासियों ने पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट दी। उसके बाद पुलिस की ओर से भी उनका कोई फैसला नहीं किया। इसके बाद वह कोर्ट में चले गए वहां से जमीन का उनके हक में स्टे हो गया, फिर भी कब्जा करने की कोशिश कर रहे है। वह मांग करते है कि निहंग सिंहों को गुरुद्वारा से बाहर किया जाए और लोकल कमेटी को गुरुद्वारा पहले की तरह चलाने दिया जाए। अगर पुलिस यह नहीं कर सकती तो उन्हें प्रोटेक्शन दे। दूसरी तरफ जब इस संबंध में बलजीत सिंह के साथ उनके मोबाइल पर कई बार फोन करके बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। गुरकंवल सिंह मान ने कहा कि उनकी पत्नी वार्ड 35 से पार्षद है। वह आज जहां इकट्ठा हुए है। यह हरदेव एन्क्लेव में बना गुरुद्वारा उनकी वार्ड में आता है। इसका कुछ इलाका जंडियाला हलके में आता है और कुछ इलाका पूर्वी हलके में आता है। जो नगर निगम के अधीन है। गुरुद्वारा गांव के लोगों की जद्दी जमीन पर बना हुआ है। लेकिन दूसरे पक्ष के बैठे लोग कह रहे है कि यह गुरुद्वार उनके पुरखों के नाम पर है । इस मामले को पुलिस कमिश्नर खुद हल करवाएं ताकि कोई भी जानी-माली नुकसान ना हो सके।


