राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को बयाना के बिडयारी मंडल के हरनगर गांव में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति, श्रद्धालु और धर्मप्रेमी नागरिक शामिल हुए। कलश यात्रा के दौरान सनातन संस्कृति के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस मौके पर छात्राओं ने धार्मिक और देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह जिला कार्यवाह मुकेश सिंघल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदीप मुर्रकी ने की, जबकि भागवताचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री मुख्य अतिथि थे। क्षेत्र के आठ गांवों से धर्म एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने इस आयोजन में भागीदारी ली। मुख्य वक्ता मुकेश सिंघल ने अपने संबोधन में संयुक्त परिवार प्रणाली को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक समरसता का विकास होता है। सिंघल ने समाज से छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने और हिंदू समाज को एकजुट रहने पर जोर दिया।
उन्होंने तीन पीढ़ियों तक एक साथ रहने की परंपरा को फिर से मजबूत करने की अपील की। सिंघल ने कहा कि इससे समाज मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियां संस्कारवान बनेंगी। मुख्य अतिथि भागवताचार्य योगेश कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज से संगठित रहकर धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने को भी कहा। कार्यक्रम में आयोजन समिति अध्यक्ष शिवराम, संरक्षक उदयभान धाकड़, भगवान सिंह, दिलीप, यशपाल, रामवीर, गजेंद्र, केदार, दीपक, तेजसिंह, मोहन सिंह, सुरेश, राकेश, घीसीराम, डालचंद, राकेश मुर्रकी सहित कई समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंच संचालन विनोद कुमार ने किया। सम्मेलन का समापन सभी धर्मप्रेमी बंधुओं द्वारा प्रसादी ग्रहण करने के साथ हुआ। इस विराट हिन्दू सम्मेलन ने समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश दिया।


