पत्रकारिता केवल कॅरियर नहीं, यह आत्मसिद्धि की साधना है। यह प्रेरणादायक विचार प्रसिद्ध पत्रकार श्रीवर्धन त्रिवेदी ने हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) में आयोजित मीडिया कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए। उन्होंने स्टूडेंट्स को पत्रकारिता के मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि एक सच्चा पत्रकार वह है जो समाज के हाशिए पर खड़े आखिरी व्यक्ति के लिए कार्य करे। श्रीवर्धन ने कहा, व्यावसायिक उत्कृष्टता से पहले, एक अच्छा व्यक्ति बनना जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुधि राजीव ने स्टूडेंट्स को प्रेरित किया कि यथा स्थिति को चुनौती देते हुए परिवर्तन लाने का प्रयास करना ही शोध और पत्रकारिता का आधार है। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के सहायक निदेशक अंकुर विजयवर्गीय ने ‘पब्लिक रिलेशंस में स्टोरी टेलिंग’ पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि एक कहानी के माध्यम से संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना संचार का सबसे प्रभावशाली तरीका है। तृतीय सत्र में डिफेंस पीआरओ (राजस्थान) कर्नल अमिताभ शर्मा ने डिफेंस पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुरक्षा से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग के दौरान सतर्कता और जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। पैनल चर्चा और फोटो पत्रकारिता : कार्यशाला के पैनल चर्चा सत्र में वरिष्ठ पत्रकार आनंद चौधरी और हर्षा कुमारी सिंह ने समकालीन पत्रकारिता के विषय पर चर्चा की। उन्होंने राजस्थान में जन हितैषी पत्रकारिता के उदाहरण साझा किए, जिससे विद्यार्थियों को प्रेरणा मिली। कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रसिद्ध फोटो पत्रकार पुरुषोत्तम दिवाकर ने फोटो पत्रकारिता के महत्व और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है और इसे प्रभावशाली बनाने के लिए कौशल और संवेदनशीलता दोनों आवश्यक हैं। कार्यशाला का सफल आयोजन और व्यापक सहभागिता: कार्यशाला के संयोजक डॉ. अजय कुमार सिंह ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन स्टूडेंट्स के लिए नए दृष्टिकोण और कौशल विकसित करने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य स्टूडेंट्स को मीडिया क्षेत्र के विविध आयामों से परिचित कराना और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। कार्यशाला के समापन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव बी.एल.मेहरड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, स्टूडेंट्स और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सभी की भूमिका की सराहना की। मेहरड़ा ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान करती हैं, बल्कि युवा पत्रकारों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराती हैं। इस कार्यशाला में हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) के अलावा राजस्थान के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में जनसंचार के विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने कार्यशाला को अत्यंत लाभप्रद बताते हुए विशेषज्ञों के अनुभवों और सुझावों से प्रेरणा लेने की बात कही। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बना दिया। आयोजन स्थल पर उपस्थित हर व्यक्ति ने इसे पत्रकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो भविष्य के पत्रकारों को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग करेगा।


