हरियाणा के बहादुरगढ़ ब्लास्ट में नया मोड़:बिजनेसमैन PGI से फरार, सुसाइड नोट मिला, लिखा- मुझे माफ कर देना, जीजा-बहन मौत की जिम्मेदार

हरियाणा के बहादुरगढ़ ब्लास्ट कांड में हुई महिला और तीन बच्चों की मौत के मामले नया मोड़ आ गया है। इस मामले में झुलसा परिवार का मुखिया बिजनेसमैन रोहतक PGI से गायब हो गया है, वहीं पुलिस को उसके घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें बिजनेसमैन ने जीजा और बहन सहित कुछ लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए है। फिलहाल पुलिस ने इसी आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरियाणा के झज्जर में शनिवार को पुलिस चौकी के पास रहने वाले बिजनेसमैन हरपाल सिंह के घर में 2 धमाके हुए थे। इसमें परिवार के 4 सदस्यों की मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला और 3 बच्चे शामिल हैं, जबकि बिजनेसमैन घायल था। घायल को PGI रेफर किया गया था, जहां से वह फरार बताया गया है।
शुरुआत में AC के कंप्रेशर में हुए धमाके को इसकी वजह माना गया था, लेकिन घटना की जांच करने पहुंचे DCP मयंक मिश्रा ने इसे संदिग्ध बताया था। अब जैसे-जेसे जांच आगे बढ़ रही है, कई सवाल उठे रहे है और तथ्य सामने आ रहे है। अब रविवार को यह सुसाइड नोट सामने आया। सुसाइड नोट में क्या लिखा, पूरा पढ़ें… “ मैं हरपाल सिह S/O रघुवीर सिंह निवासी सितारगंज (सुप्रिया कॉलोनी) हाल निवासी एलायंस सिटी वन रूद्रपुर उत्तराखंड-मैं आज अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या (SUCIED) करने वाला हूं। मेरी और मेरी हत्या का कारण मेरे सगे जीजा एवं बहन दलजीत सिंह पुत्र गुरूमुख सिंह परविंद्र कौर पत्नी दलजीत सिंह एवं उनकी फैमिली (निवासी वार्ड नंबर 8 सितारगंज उधम सिंह नगर उत्तराखंड है। क्योंकि दलजीत सिंह ने मेरा घर जो मैंने इसको रहने के लिए दिया था धोखे से रजिस्ट्री अपने नाम करवा लिया है।
जब मैने पुलिस थाना सितारगंज मे प्राथमिकी दर्ज करवाने की कोशिश की तो मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे पहले भी 15 सितंबर 2017 को मेरे बेटे जसकीरत का अपहरण भी इन्होंने करवाया था। तब भी इनके साथियों ने मिलकर मेरी भी इंक्वारी करवा दी थी और मैं कुछ नहीं कर पाया था। अब दो तीन साल से इन्होंने मेरी हर जगह बदनामी की है कि मैंने इनसे 4 करोड़ रुपया लिया है। इन्होंने मुझको सब रिश्तेदारो और समाज में मुझको बदनाम कर दिया जब कि मैंने इनसे कोई पैसा नहीं लिया। दलजीत सिंह ने मुझको दिमागी तौर पर बहुत परेशान कर दिया है। इससे मेरी पत्नी व बच्चे बहुत ज्यादा प्रभावित हो गए एवं परेशान थे।
लोगों ने उनकी की बातों को सच माना एवं मुझको परेशान करने लगे। इसलिए मेरा 2 साल से पूरा परिवार अवसाद में है। मैंने पुलिस में शिकायत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उल्टा उन लोगों ने मेरी सारी मुसीबतें और बढ़ गई (रजा एसोसिएट खटिया) के माध्यम से केश फाइल किया है लेकिन अब दलजीत सिंह एवं उसके साथी मुझको और मेरे बच्चों को तंग करना चाहते हैं ताकि कोई केश की पैरवी ना करें और वे झूठा केश जीत जाएं।
इन लोगों ने मेरा सारा का खत्म कर दिया क्योंकि अब मैं भाग भाग कर थक गया हूं। मैंने अपने बच्चों को बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन मैं फेल हो गया हूं। पता नहीं ये कैसे मेरी लोकेशन पता कर लेते हैं। मैं इस समय अपने आप को बहुत असहाय महसूस कर रहा हूं। क्योंकि अगर आपके पास पैसा और पावर है तो आप झूठ को सच बना सकते हैं। यही काम दलजीत सिंह एवं इनकी फैमिली और साथियो ने किया है। हमारी दो बार पंचायत भी हुई, मैने सारे सबूत पेश किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
अब भी जो मेरा मकान दलजीत सिंह ने धोखे से अपनी पत्नी परविंद्र कौर के नाम रजिस्ट्री करवा लिया। उसकी ओरिजनल रजिस्ट्री जो मेरे नाम से है, बैंक ( यूनियन बैंक सितारगंज) में 16 लाख के होम लोन में बंधक है। जब कि उनके सारे कागजात फर्जी हैं, फिर भी मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं । अब मैं 2 साल से मानसिक सामाजिक तनाव झेल रहा हूं और इधर-उधर भाग रहा हूं।
क्योंकि अगर मैं सितारगंज, रुद्रपुर गया तो वो मुझको मार सकते हैं मेरा परिवार खत्म कर सकते हैं इसलिए मैं अपने परिवार सहित मौत को गले लगा रहा हूं। मेरी व मेरे परिवार की मौत के जिम्मेदार दलजीत सिंह, परविंदर कौर एवं उसकी पूरी फैमिली एवं उसके दोस्त हैं। दलजीत सिंह इनके दोस्त दर्शन सिह, लखा सिंह और हमारे परिवार वाले सबने मिलकर हमें बहुत मानसिक सामाजिक तौर पर बहुत परेशान किया है। हिंदुजा फाइनेंस के शाखा हल्द्वानी कार्यरत भास्कर पाठक ने भी इनके कहने पर मुझको बहुत परेशान किया है। अत: अब मैं और मेरा परिवार इनको सामाजिक तौर झेलने में असमर्थ हैं। अत: अब हमारी जीने की इच्छा खत्म हो गई है। और आपसे ( पुलिस एवं न्यायपालिका ) से आखरी उम्मीद है कि आप न्याय करके सच को सामने लाएं ।
पता करें कि 4.12 करोड़ दलजीत सिंह के पास कैसे आए और हमारे सारे बैंक अकाउंट भी चेक करें। क्योंकि अगर मैने दलजीत सिंह से 4.50 करोड़ रुपए लिए होते तो मुझको मौत को गले लगाने की जरूरत नहीं होती। मेरी सारी जानकारी एडवोकेट रजा एसोसिएट खटीमा के पास है, क्योंकि ये लोग उनको भी अपनी तरफ मिलाना चाहते थे वो नहीं माने (सारे ओरिजनल पेपर ) वकील साहिब के पास हैं।
मेरी और मेरे परिवार की अंतिम इच्छा है कि हमारा अंतिम संस्कार पुलिस या सामाजिक संगठन करें। हमारी डेडबॉडी किसी और को ना दी जाए।
मैं अपने मकान मालिक बेनीवाल जी से हाथ जोड़कर माफी चाहता हूं कि मैंने मजबूरी में अपने परिवार को बचाने की कोशिश में दूसरी आईडी दे कर मकान किराए पर लिया ताकि मैं अपनी फैमिली को बचा सकूं, लेकिन मैं नाकाम रहा हूं। अत: हाथ जोड़कर आपसे माफी मांगता हूं, कृपया मुझे माफ कर दें।
मेरे मजहर अंसारी वजीराबाद दिल्ली पर 1.12 लाख रुपए है, उसे लेकर हमारा उधार और क्रियाक्रम कर दिया जाए । मजहर मुझसे उधार पैसे ले रखे हैं। अंत में एक बार फिर बेनीवाल जी आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं कि अब मैं पूरी तरह से टूट चुका हूं, इसलिए ये कदम उठा रहा हूं। हमें माफ करना। हमारा जो भी सामान है, उसको बेचकर अपना पैसा पूरा कर लेना। हमारा सामान हमारे किसी भी रिश्तेदार को न सौंपना, हमारी आखिरी इच्छा है। आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं, कृपया मुझे माफ करना । अब इस घटना के बारे में सिलसिलेवार ढंग से जानिए… शनिवार को मकान से आई 2 धमाकों की आवाज शनिवार 22 मार्च की शाम बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 के मकान नंबर 312 पी में 2 बार धमाका हुआ था। इसकी सूचना पर पड़ोसी एकत्र हो गए। पड़ोसी प्रशांत ने बताया कि घर में करीब 6 बजे धमाका हुआ था। ऐसा लगा मानो हमारे घर का शीशा टूटा हो। बाहर निकलकर देखा तो पड़ोसी के घर में आग लगी थी। घर में धुआं भरा हुआ था। पास जाकर उसका दरवाजा खोलने की कोशिश की तो अंदर से लॉक था। दरवाजा तोड़ा, 3 बच्चे और एक महिला मृत मिली
प्रशांत ने बताया कि हमने कुछ लोगों को इकट्‌ठा कर दरवाजा तोड़ा तो देखा कि मकान में रहने वाला सरदार हरपाल सिंह दरवाजे के पास ही झुलसी हालत में पड़ा था। उसके हाथ, पैर और मुंह झुलसे हुए थे। उसे फौरन अस्पताल ले जाने का इंतजाम किया गया। वहीं, घर में अंदर जाकर देखा तो 3 बच्चे और एक महिला पड़ी थी। उनकी मौत हो चुकी थी। वे सभी जले हुए थे। शवों को शहर के सामान्य अस्पताल में भिजवाया गया है। 7 महीने पहले परिवार रहने आया था DCP मयंक मिश्रा सूचना पर तुरंत घटना स्थल पहुंचे और मामले की जांच की। शुरुआती जांच में पता चला कि हरपाल सिंह बिजनेसमैन है। वह अपने तीन बच्चों और पत्नी के साथ करीब 7 महीने पहले यहां किराए पर रहने आया था। घर एक मंजिला है। हादसे के समय घर अंदर से लॉक था। फोरेंसिक टीम ने की थी जांच
DCP मयंक मिश्रा ने बताया था कि 4 लोगों की ब्लास्ट में मौत हुई है, जबकि 1 गंभीर रूप से घायल है। पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच शुरू की थी। फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। घर में रखा सिलेंडर सही सलामत है, AC यूनिट को नुकसान पहुंचा है। ब्लास्ट किस चीज में हुआ है, इसका पता लगाने के लिए विस्फोटक जांच टीम को सूचना भेजी गई थी। हादसे के बाद के PHOTOS…

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