हरियाणा में MBBS आंसर शीट की फ्रंट पेज बदलते थे:उत्तर लिखकर सिलते थे आरोपी, कमेटी को जांच में छेड़छाड़ के सबूत मिले

हरियाणा के MBBS परीक्षा घोटाले में की जा रही जांच में नकल माफिया की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक (UHSR) की तीन सदस्यीय कमेटी को उत्तर पुस्तिका में छेड़छाड़ से जुड़े कई तथ्य मिले हैं। जांच टीम में शामिल सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता छात्र ने अपना बयान दर्ज कराया है। आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में कर्मचारी आंसर शीट का पहला पेज हटाकर दूसरी शीट पर सिल देता था। इस शीट पर अभ्यर्थी का सीट नंबर, बारकोड और रोल नंबर होता था। इस दूसरी शीट को अभ्यर्थी या उसकी ओर से किसी और ने दोबारा लिखा होता था। वीडियो में आंसर शीट लिखते नजर आ रहे हैं छात्र ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि आंसर शीट असली लगे। इसके अलावा जांच टीम ने उस वीडियो की भी जांच की, जिसमें नकल माफिया ऐसा करते नजर आ रहे हैं। यह सब शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए एक कथित वीडियो में नजर आ रहा है, जिसमें छात्र एक कमरे में आंसर शीट को दोबारा लिखते नजर आ रहे हैं। वीडियो, जिसे अब जांच टीम ने जांच का हिस्सा बना लिया है। एसोसिएशन ने हाई लेवल जांच की उठाई मांग इधर अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह डूमोलिया ने इस घोटाले के पैमाने का हवाला देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि परीक्षा शाखा के अधिकारियों की संलिप्तता के बिना उत्तर पुस्तिकाओं को विश्वविद्यालय से बाहर नहीं निकाला जा सकता। हालांकि, कड़ी कार्रवाई का सामना करने के बजाय केवल कुछ अधिकारियों को ही स्थानांतरित किया गया है।यूएचएसआर घोटाला प्रणालीगत कमज़ोरियों को उजागर करता है और परीक्षा शाखा के कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। जांच जारी है। स्टूडेंट को मिली पुलिस सिक्योरिटी एमबीबीएस परीक्षा घोटाले को उजागर करने वाले छात्र पर हमले की आशंका है। ऐसी सूचना मिलने के बाद पुलिस सतर्क है और उसे सुरक्षा मुहैया करा दी है। शिकायत करने वाले छात्र को कुछ पुलिसकर्मियों के फोन नंबर दिए गए हैं, जिनसे वह किसी भी तरह के खतरे या यात्रा के दौरान संपर्क कर सकता है। इधर, राज्य अपराध जांच शाखा (CID) भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने भी यूएचएसआर को अपनी जांच में तेजी लाने और मामले पर त्वरित कार्रवाई के लिए जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जांच पर CID की भी नजर हरियाणा में सामने आए MBBS परीक्षा घोटाले की जांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) करेगा। CID हेडक्वार्टर ने इस बारे में अपने रोहतक ऑफिस से अभी तक के इनपुट की रिपोर्ट तलब कर ली है।इसके अलावा, परीक्षा घोटाले में शामिल 3 प्राइवेट कॉलेजों के MBBS-MD परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र बदलने का फैसला लिया गया है। यूनिवर्सिटी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इन प्राइवेट कॉलेजों के प्रोफेसर परीक्षा के दौरान ऑब्जर्वर का भी काम करते थे। जिससे परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती हैं। अब तक ये फैक्ट्स आए सामने… 1. सेंटर से बाहर भेजते थे उत्तर पुस्तिकाएं एक छात्र ने बताया कि पेपर पास करने के लिए एक स्पेशल पेन का इस्तेमाल किया जाता था। पेन की स्याही लिखने के बाद सूख जाती है। जिन स्टूडेंट की डील होती थी, वह उस पेन से पेपर लिखते थे। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सेंटर से बाहर भेजा जाता था। वहां हेयर ड्रायर की मदद से उत्तर पुस्तिकाओं से स्याही मिटाई जाती है। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं पर सही जवाब लिखकर उन्हें दोबारा सेंटर पर भेजा जाता है। 2. ऑनलाइन भी रुपए लेते थे कर्मचारी MBBS एग्जाम घोटाले में अब तक की जांच में पता चला है कि ये कर्मचारी एमबीबीएस के अलावा एनईईटी-यूजी और फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम में भी स्टूडेंट्स से पैसा लेकर मदद करते थे। इस एग्जाम घोटाले के लिए कर्मचारी स्टूडेंट्स से कैश के अलावा ऑनलाइन बैंकिंग से भी पैसे लेते थे। इसके सबूत भी मिले हैं। दो कर्मचारियों ने स्टूडेंट्स से दो अलग-अलग मामलों में ऑनलाइन पैसा अपने खातों में जमा कराया है। 3. दूसरे एग्जाम में भी घोटाले के सबूत मिले हरियाणा के इस एमबीबीएस एग्जाम घोटाले में अब तक की जांच में पता चला है कि ये कर्मचारी एमबीबीएस के अलावा एनईईटी-यूजी और फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम में भी स्टूडेंट्स से पैसा लेकर मदद करते थे। 2 कर्मचारी सस्पेंड हो चुके, 3 की सेवाएं रोकीं PGIMS प्रशासन ने इस मामले में कर्मचारी रोशन लाल और रोहित को सस्पेंड कर दिया। वहीं आउटसोर्स कर्मचारी दीपक, इंदू बजाज और रितु की सेवाओं पर रोक लगा दी। इस घोटाले के जवाब में, यूएचएसआर अधिकारियों ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जांच लंबित रहने तक तीन आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं तथा आगामी एमबीबीएस/एमडी/एमएस परीक्षाओं में और अधिक गड़बड़ी को रोकने के लिए विभिन्न जिलों में तीन निजी कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों को बदल दिया है।

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