भास्कर न्यूज| बलांगीर नृसिंह चतुर्दशी वैशाख मेले के दौरान गुरूवार को हरिशंकर और नरसिंहनाथ में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इस अवसर पर श्रद्धालु गंधमर्दन पर्वत पर चढ़ने का आनंद भी ले रहे थे। अनुमान है कि पांच दिनों में लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने पहाड़ की चढ़ाई की। इसी दौरान कालाहांडी जिले के पष्टिकुड़ी गांव की 76 वर्षीय वृद्धा बनिता मांझी शाम को पहाड़ चढ़ते समय अचानक बीमार पड़ गईं। जानकारी के अनुसार वह सोमवार सुबह अपने साथियों के साथ नरसिंहनाथ पटु पहाड़ पर चढ़ाई शुरू की थीं, लेकिन आधी चढ़ाई के बाद उन्हें अस्वस्थ महसूस होने लगा। उनके साथियों ने तुरंत अन्य श्रद्धालुओं की मदद से हरिशंकर में मौजूद सूचना केंद्र को इसकी जानकारी दी। गंधमर्दन पर्वत की चोटी (4921 फीट लगभग 1.5 किलोमीटर ऊंचाई) से सुरक्षित रेस्क्यू करना सभी के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। खबर मिलते ही रेडक्रॉस विभाग के आपदा प्रबंधन कर्मी, अग्निशमन विभाग, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मी सहित कुल 15 सदस्यीय एक टीम बनाई गई। रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व रेडक्रॉस स्वयंसेवक व डिजास्टर मैनेजमेंट ट्रेनर राम नारायण दाश कर रहे थे। टीम ने पहाड़ की लगभग 8 किलोमीटर दूरी तय करते हुए वृद्धा को सुरक्षित हरिशंकर तक पहुंचाया। शाम 5 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ और रात 12 बजे तक चला यानी कुल 7 घंटे तक चला यह ऑपरेशन। वृद्धा को भीम मडुआ नामक स्थान से स्वास्थ्य परीक्षण के साथ स्ट्रेचर में लिटाकर नीचे लाया गया। स्वास्थ्य सेवा के बाद वृद्धा की स्थिति अब स्थिर और ठीक बताई जा रही है। इस ऑपरेशन में रेडक्रॉस के फस्टएड कर्मी राम नारायण दाश, अग्निशमन विभाग से शक्ति प्रसाद नायक, श्रीकांत सेठ, पंचानन गड़तिया, धर्मेंद्र हरिपाल, गुण झांकर, प्रकाश सेठ, विश्वजीत साहू, बिमल कुमार बारिक, उज्जवल माटारी, नवीन बरीहा, मेडिकल कर्मचारी रोमांच बारिक, वन विभाग के वाइल्डलाइफ स्क्वॉड के हिमांशु बेहरा और नृपराज ठाकुर मौजूद थे।


