भास्कर न्यूज | टोंक टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। जिसमें अभियान के तहत होने वाली गतिविधियों की पर चर्चा की गई। सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग तक व्यापक रूप से जागरूकता का सन्देश पहुंचे, हम सभी का यही प्रयास होना चाहिए। उन्होंने अभियान में गम्भीरतापूर्वक प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभियान में सामूहिक सहभागिता से ही लक्ष्य की प्राप्ति संभव है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हिमांशु मित्तल ने अभियान के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी देकर जिला व ब्लॉक स्तर पर सम्पादित की जाने वाली गतिविधियों के विषय में विचार-विमर्श किया। उन्होंने पीपीटी प्रजेंटेशन के जरिए अभियान के 6 प्रमुख इंडिकेटर्स के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों की अधिकाधिक सैंपलिंग की जाए। साथ ही टीबी स्क्रीनिंग के लिए सीबी नेट मशीन का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग, रैफरल सिस्टम बढ़ाने, सैम्पल ट्रांसपोर्ट स्टेटस समेत टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीबी मरीज का निक्षय आईडी बनाया जाना और निक्षय पोर्टल पर समय पर एंट्री की जाए। उन्होंने टीबी की नई दवा बीपीएलएम के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण दिया। उन्होंने निक्षय मित्र बनाने में जन प्रतिनिधियों के सहयोग के अतिरिक्त आमजन की सहभागिता पर भी बल दिया। सम्पादित की जाने वाली गतिविधियों पर चर्चा करते हुए समस्त गतिविधियों को नियत समयावधि व प्रभावी ढंग से संपन्न किए जाने की बात कही। डीपीसी मशर्रत मियां ने टीबी मुक्त भारत अभियान के बारे में जानकारी दी। दिनेश चौधरी ने निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डीपीसी मशर्रत मियां, डीपीसी टिंकू रॉय, डीपीसी ममता प्रोजेक्ट नवरत्न जैन, रतन चौधरी और मालपुरा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और डॉट्स प्रोवाइड उपस्थित रहे।


