राज्य सरकार ने हर साल रिटायर होने वाले करीब 24 हजार कर्मचारियों और अफसरों के लिए बड़ी राहत दी है। अब रिटायरमेंट के बाद पेंशन ऑर्डर (पीपीओ) के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था में 10 दिन में जारी होगा। क्या परेशानी थी? : रिटायर होने के बाद पीपीओ जारी होने में 6 महीने से 1 साल लग जाता था। कर्मचारी को जहां से रिटायर हुआ, वहीं बार-बार जाना पड़ता था।
अब क्या बदला? : पीपीओ पूरी तरह डिजिटल होगा। जिलों के पेंशन अधिकारी ई-साइन (डिजिटल साइन) से पीपीओ जारी करेंगे। किसी अधिकारी के हाथ से साइन नहीं होंगे। पीपीओ सीधे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को भेजा जाएगा। प्रदेश में करीब 5 लाख पेंशनर्स हैं। अब तक पेंशन बढ़ने या घटने पर, नया पीपीओ बनवाने के लिए पेंशनर को दफ्तर और बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब पीपीओ डिजिटली जारी होगा। घर बैठे प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। डिजिलॉकर में पीपीओ सुरक्षित रहेगा। नया खाता जरूरी नहीं, मौजूदा ही बैंक खाते में आएगी राशि
पेंशन उसी बैंक में आएगी, जहां आपका खाता है। इसके नया बैंक खाता खुलवाने की जरूरत नहीं है। एसबीआई से पेंशन तय होकर आपके मौजूदा बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। चाहे खाता राष्ट्रीयकृत हो या निजी बैंक में, पेंशन वहीं मिलेगी।


