भास्कर न्यूज | लुधियाना प्रशासन ने हसनपुर में कुत्तों की नसबंदी के लिए एक निजी कंपनी के साथ कांट्रेक्ट किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका समितियां नसबंदी टेंडर जारी करेंगी। मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान डीसी जितेंद्र जोरवाल ने इस बात पर जोर दिया कि नसबंदी परियोजना का उद्देश्य कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना और कुत्तों के काटने की घटनाओं को कम करना है। लुधियाना प्रशासन ने हसनपुर गांव में आपातकालीन आधार पर आवारा कुत्तों की नसबंदी करने के लिए स्थानीय नगर निगम से जुड़ी एक निजी फर्म के साथ एक समझौता किया है। प्रशासन लुधियाना निगम क्षेत्र में पहले से ही काम कर रही कंपनी को मौजूदा नियमों और शर्तों के अनुसार पशु जन्म नियंत्रण के सभी कार्यों की भरपाई करेगा। प्रशासन के अधीन नगर पालिकाएं भी इसी सप्ताह जिले के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी करेंगी। स्थानीय नगर निगम से जुड़ी निजी कंपनी हसनपुर गांव में आवारा कुत्तों की नसबंदी शुरू कर देगी। बीडीपीओ उपनिदेशक पशुपालन परियोजना के नोडल अधिकारी होंगे और परियोजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे। भास्कर न्यूज|लुधियाना समय दोपहर 12 बजे। पिंड हसनपुर। आबादी 5 हजार। सड़कों में सन्नाटा पसरा है। गलियों में घर के बाहर ग्रामीण बैठे हैं, लेकिन 5 से 6 की संख्या है। लोगों ने सड़क पर अकेला निकलना बंद कर दिया है। सैर पूरी तरह से बंद कर दी है। लोहड़ी के पर्व के दिन ग्रामीणों में चर्चा हो रही है सिर्फ कुत्तों की, जिनकी वजह से गांव में 2 बच्चों की जान चली गई। कुत्तांे के आतंक से हसनपुर ही नहीं बल्कि पिंड गुहौर, पनोहड़, बद्दोवाल,पैमाल भी दहशत में है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार इन कुत्तों को लेकर सख्त कदम उठाए, लेकिन सरकार-प्रशासन के पास पब्लिक के लिए समय नहीं है। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय से पिंड हसनपुर महज 12 किमी की दूरी पर है। लेकिन प्रशासन के पास ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और निस्तारण के लिए समय नहीं है।पिंड हसनपुर में दो सप्ताह में कुत्तों के हमलों में दो बच्चों की जान चली गई। मासूम अर्जुन और हरसुखप्रीत दोनों 11 वर्ष के थे और गांव के सरकारी स्कूल में क्रमश: कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थी थे। हड्डारोड़ी के इन कुत्तों का खौफ इतना बढ़ गया है कि बच्चों का घरों से बाहर निकलना बंद है। यह कुत्ते हड्डा रोडी के पास रहते हैं जो अब मनुष्यों पर हमला कर रहे हैं। 8-10 की संख्या में कुत्तों का झुंड हमला कर रहा है, जिसे लेकर गांव में दहशत है। सुबह और शाम की सैर ग्रामीणों ने बंद कर दी है। 14 से स्कूल खुल रहे है, ऐसे में बच्चांे को स्कूल भेजने में ग्रामीणों को डर लग रहा है। पंचायत ने गांव में स्थित दो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों से बातचीत की है, जिसमें बच्चों को अकेला नहीं छोड़ने को कहा गया है। ग्रामीण सुबह, दोपहर, शाम, रात को डंडे लेकर पहरेदारी कर रहे हैं। पिंड हसनपुर में एक बच्चे की मौत कुत्तों के हमले में हुई थी, लेकिन यह बात भी सामने आई थी कि वह पतंग लूटने के लिए वहां गया था। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर गांव की पंचायत ने गांव में पतंग बेचने पर रोक लगा दी है। साथ ही उड़ाने पर भी पाबंदी है। नियमों का पालन नहीं करने पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। गांव हसनपुर में कुत्तों का झुंड। ^12 जनवरी की शाम का कुत्ता मेरे पीछे पड़ गया। ग्रामीणों की मदद से उसे भगाया गया। गांव में लोग दहशत में जी रहे हैं। गांव में अकेले निकलने से लोग डर रहे हैं। – पवन कुमार, ग्रामीण ^गांव में कुत्तों के झुंड से दहशत बनी है। गांव में दो बच्चों की मौत दुखद है। प्रशासन ने वार्ता को आने को कहा था लेकिन समय बदलते रहे हैं। प्रशासन को सख्त एक्शन लेना चाहिए। -चरणजीत कौर, सरपंच ^हड्डा रोड़ी के पास कुत्तों का झुंड रहता है। सरकार -प्रशासन इन कुत्तों को तत्काल यहां से हटाए। कुत्तों के डर के कारण लोगों ने सैर करनी बंद कर दी है। – बलबीर सिंह, ग्रामीण ^ पिट बुल जैसा दिखता कुत्ता किसी ने छोड़ा है जिसके साथ झुंड हमला कर रहा है।दो बच्चों की मौत हो चुकी है जो चिंताजनक है। सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा दें। – हरजीत, मेंबर


