जालंधर | नेशनल हाईवे पर ट्रांसपोर्ट नगर से पठानकोट बाईपास चौक तक की सर्विस लेन बदहाली और प्रशासनिक नाकामी का शिकार हो चुकी है। वीरवार दोपहर 2:43 बजे की तस्वीर पूरी सच्चाई बयां कर रही थी- सड़क के बीचों-बीच फंसी एक थार गाड़ी को ट्रैक्टर से लोहे की चेन बांधकर निकालने की मशक्कत हो रही थी, पास ही एक ट्रक कीचड़ में धंसकर खतरनाक ढंग से एक तरफ झुका खड़ा था और एक बेबस रिक्शा पलटा पड़ा था। सरफेस वॉटर प्रोजेक्ट के नाम पर पाइपें बिछाने के लिए सर्विस लेन को बुरी तरह उखाड़ तो फेंका गया, लेकिन काम खत्म होने के बाद इसे दोबारा बनाने की सुध तक नहीं ली गई। इंडस्ट्रियल एस्टेट के बाहर सिर्फ खानापूर्ति के लिए कुछ जगह टाइलें थोप दी गईं, जबकि बाकी का पूरा रास्ता खड्डे और कीचड़ का जाल बना हुआ है। (तस्वीर में) वाहनों को निकालते लोग। कई इलाके प्रभावित पिछले तीन दिनों की बारिश ने इस 4 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को ‘डेथ ट्रैप’ में बदल दिया है, जहां वाहन लगातार फंस रहे हैं। नेशनल हाईवे किनारे बसे अमन नगर, छोटा सईपुर, रेरू, हरगोबिंद नगर और संजय गांधी नगर जैसे इलाकों की करीब 1 लाख की आबादी इस लापरवाही का खमियाजा भुगतने और नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।


