ग्वालियर में बेंगलुरु के एक दंपती के बीच चल रही कानूनी जंग इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस दंपत्ति के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में कुल 17 मामले लंबित हैं। हाल ही में हाईकोर्ट ने पिता को बच्चे की स्कूल गतिविधियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। निशांत (परिवर्तित नाम) और अंजली (परिवर्तित नाम) ने दस साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वे करीब सात साल तक साथ रहे और उनका एक बेटा भी है। छोटे-छोटे विवादों के बढ़ने के बाद पत्नी अपने बेटे के साथ पति का घर छोड़कर ग्वालियर आ गईं, जिसके बाद कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। ग्वालियर हाईकोर्ट में लंबित एक रिट अपील की सुनवाई के दौरान पति-पत्नी दोनों कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने अदालत को बताया कि वे अब सुलह की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आपसी सहमति बनने पर सभी 17 केस खत्म हो जाएंगे। अदालत ने भी दोनों पक्षों को इस दिशा में प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए हैं। निशांत द्वारा दायर रिट अपील में यह मुद्दा उठाया गया था कि पिता को भी बच्चे के स्कूल से जुड़ी गतिविधियों जैसे होमवर्क, कार्यक्रम और अन्य सूचनाएं मिलनी चाहिए। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए स्कूल को पिता को भी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। हालांकि, बच्चे से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में परामर्श केवल मां से ही लिया जाएगा। दंपत्ति के बीच बेटे की कस्टडी, तलाक, दहेज, घरेलू हिंसा निरस्तीकरण, धारा 482, रिट और रिट अपील सहित कुल 17 मामले चल रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोनों पक्ष सभी मामलों में समझौता कर लेते हैं, तो यह विवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा।


