झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को फॉरेंसिक साइंस लैब में रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस आर मुखोपाध्याय आैर जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद जेपीएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जेपीएससी से पूछा है कि इन पदों पर नियुक्ति नहीं होने की क्या वजह है। इस मामले में आयोग द्वारा अब तक जवाब क्यों नहीं दाखिल किया जा सकता है। अदालत ने जेपीएससी को नियुक्ति मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को निर्धारित की है। इस दौरान जेपीएससी की ओर से बताया गया कि जवाब तैयार है,समयाभाव की वजह से दाखिल नहीं किया जा सका है। जेपीएससी की ओर से मौखिक बताया गया कि निदेशक के पद पर नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया है। पूर्व में राज्य सरकार ने जो अधियाचना भेजी थी, उसमें सहायक निदेशक और वरीय वैज्ञानिक की शैक्षणिक योग्यता स्पष्ट नहीं थी। इस कारण सरकार से मंतव्य मांगा गया था। राज्य सरकार ने तीन सितंबर को अपना मंतव्य दे दिया है। अब जल्द ही इन पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अदालत ने जेपीएससी के मौखिक जवाब को अपने रिकॉर्ड में लेते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मालूम हो कि हरि महतो की आपराधिक अपील याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि फारेंसिक साइंस लैब से रिपोर्ट आने में देर हो रही है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को की गई निर्धारित


