झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को जलाशयों की जमीन पर अतिक्रमण मामले की सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। अदालत ने रांची डीसी से पूछा है कि इन तीनों जलाशयों के लिए कुल कितनी जमीन अधिग्रहित की गई थी। वर्तमान में कितनी जमीन पर अतिक्रमण है और उन्हें हटाने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है? इन डैमों के कैचमेंट एरिया का पहले कभी सर्वे कराया गया है या नहीं। अदालत ने रांची डीसी को इन सभी बिंदुओं पर शपथपत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को निर्धारित करते हुए रांची नगर निगम को भी पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देश पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इससे पहले सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत को बताया कि तीनों जलाशयों के कैचमेंट एरिया में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है। बार-बार निर्देश देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। तीनों डैमों की स्थिति काफी खराब है, लेकिन सबसे खराब स्थिति कांके डैम की है। कांके डैम में सीवर और ड्रेनेज की गंदगी सीधे जा रही है। चारों ओर बड़े पैमाने पर कब्जा है।


