झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति में आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार और जेएसएससी से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि इस मामले में कोर्ट के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। इससे पूर्व प्रार्थी जाहिद इकबाल एवं अन्य की ओर से अदालत को बताया गया कि उक्त विशेष शिक्षकों के लिए केंद्र की नियमावली में आरक्षित कोटा के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता (मार्क्स) में 5% छूट दिए जाने का नियम है। लेकिन राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञापन में उक्त शर्त को नहीं रखा गया है। ऐसे में आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस नियुक्ति के लिए पांच फरवरी अंतिम तिथि है। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं प्रिंस कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि नियुक्ति नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है। मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी। नवीन केडिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मालूत हो कि नवीन केडिया के फरार होने के बाद उसके विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। आईएलएस छात्रों की याचिका पर 4 हफ्ते में आरयू प्रशासन को जवाब देने का निर्देश झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को आरयू के अंतर्गत संचालित इंस्टीच्युट ऑफ लीगल स्टडीज (आईएलएस) के छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरयू प्रशासन को चार सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि आईएलएस के छात्र अंबेश चौबे, आर्यन देव, तुषार दुबे और देवेश नंद तिवारी सहित अन्य छात्रों की ओर से यह याचिका दाखिल की है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें नियमों के खिलाफ गलत डिग्रियां दी जा रही हैं। लंबे समय से उठाई जा रही उनकी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार नजरअंदाज करता रहा है।


