झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हाई स्कूल शिक्षकों के 3,704 पदों को सरेंडर करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि इन पदों को स्थायी रूप से समाप्त किया गया है या केवल वर्तमान में योग्य अभ्यर्थियों के अभाव में खाली रखा गया है। मामले में अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद होगी। इस संबंध में लीला मुर्मू एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016 में 17,786 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन बाद में आरक्षित वर्ग के 3,704 पदों को बिना किसी ठोस कारण के सरेंडर कर दिया गया। यह कदम आरक्षण नीति और समान अवसर के संवैधानिक अधिकार के विरुद्ध भी है।


