झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति की राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर करीब पांच घंटे सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सभी पक्षों को सुना लेकिन सुनवाई पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद अदालत ने शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया। हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा की मेरिट लिस्ट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में कुल 252 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता तेजस्विता सफलता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र में पद की संख्या को लेकर विरोधाभास है। सुप्रीम कोर्ट के सोनी कुमारी के मामले में 425 अभ्यर्थियों की नियुक्ति करने का आदेश दिया गया था। राज्य सरकार के अनुसार उसमें 377 अभ्यर्थियों ने योगदान दिया है। ऐसे में 1000 अभ्यर्थियों की सोनी कुमारी के आदेश के तहत कैसे नियुक्ति कर दी गई। सरकार की ओर से यह भी कहा जाना गलत है कि सुप्रीम कोर्ट ने सोनी कुमारी के मामले में नियुक्ति के लिए अनुशंसित नामों को भी प्रोटेक्ट किया था। छात्रों का कहना था कि मेरिट लिस्ट तैयार करने में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया है। लिस्ट में काफी त्रुटि है। अदालत ने जेएसएससी के अधिकारियों को इसका सत्यापन करने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि मीना कुमारी एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें कहा गया है कि वर्ष 2016 में हाईस्कूल शिक्षक की नियुक्ति के लिए जारी राज्यस्तरीय मेरिट में त्रुटि है। उनसे कम अंक प्राप्त करने वालों की हाईस्कूल शिक्षक के रूप में नियुक्ति की गई है।


