हाईटेक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब का होगा निर्माण:खाद्य व दवा के नमूने जांचने 100 करोड़ की लैब, कोलकाता-हैदराबाद पर निर्भरता खत्म

नवा रायपुर में हाईटेक फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब का निर्माण किया जाएगा। इस लैब में खाद्य पदार्थों से लेकर दवाओं तक हर तरह की मिलावट की वैज्ञानिक और त्वरित जांच संभव होगी। संवाद ऑडिटोरियम नवा रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह मध्य भारत की सबसे बड़ी और अत्याधुनिक खाद्य-औषधि परीक्षण प्रयोगशाला होगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रथम चरण में 49 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसकी लागत लगभग 100 करोड़ है। अब तक कई ऐसे सैंपल होते थे, जिनकी जांच समय-सीमा में नहीं हो पाती थी। खासकर दूध, पनीर, खोवा जैसे खाद्य पदार्थों की तुरंत जांच जरूरी होती है। हाईटेक लैब की कमी से सैंपल कोलकाता और हैदराबाद भेजने पड़ते थे। नई लैब के बनने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल और फूड एंड ड्रग कंट्रोलर दीपक अग्रवाल मौजूद थे। 10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन स्वास्थ्य मंत्री ने फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक राज्य के कुल 18 जिलों के 65 फाइलेरिया प्रभावित विकासखंडों में सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इनमें से 15 जिलों रायपुर (शहरी सहित), गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, बिलासपुर (शहरी सहित), मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा (शहरी सहित), सूरजपुर, जशपुर, बालोद और रायगढ़ (शहरी सहित) में तीन दवाओं (आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल-आईडीए) का सेवन कराया जाएगा। जगदलपुर: सुपर स्पेशियलिटी सेवा इसी माह
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल केवल रायपुर तक सीमित था। प्रदेश के सभी संभागों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। जगदलपुर में इसी माह इसकी शुरुआत होगी। हिड़मा के गांव में स्वास्थ्य केंद्र खुलेगा
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पुवर्ती में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को मंजूरी दी गई है। यहां पीएचसी के भवन का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा। व्यवस्था सुधरी तो अस्पतालों में बढ़े मरीज
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि दो वर्ष पहले प्रदेश में मेकाहारा, जिला अस्पतालों और ग्रामीण उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति कमजोर थी। इससे लोगों का भरोसा स्वास्थ्य विभाग से उठ चुका था। हमारी सरकार ने प्रारंभिक चरण में दवाइयों, डॉक्टरों और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया। इससे जनता का भरोसा बढ़ा है। पहले मेकाहारा में लोग इलाज के लिए नहीं जाते थे। ओपीडी खाली रहती थी। अब प्रतिदिन 2700 से 3000 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

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