हाईवे पर बस रोकी, ड्राइवर को पीटा, रुपए छीनकर भागे:सूचना देने पर भी नहीं पहुंची पुलिस; मुरैना में 15 दिन में ये चौथी घटना

मुरैना के नेशनल हाईवे – 44 पर बदमाशों ने यात्री बस को रोक लिया। इसके बाद ड्राइवर को नीचे खींचकर पीटना शुरू कर दिया। महिला यात्री उसे छोड़ देने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन बदमाशों ने बेसबॉल के डंडों से ड्राइवरों के दोनों पैर तोड़ दिए। बस में रखे 14 हजार रुपए छीन लिए। घटना गंगापुर हनुमान मंदिर के पास शनिवार देर रात की है। जयभारत ट्रेवल्स की बस (UP80 FT 6416) यात्रियों को लेकर खाटू श्याम जा रही थी। इसी दौरान बदमाशों ने ओवरटेक करते हुए अपनी गाड़ियां बस के आगे लगा दीं। ड्राइवर से मारपीट की, जिससे उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। बस मालिक दिनेश सिकरवार का कहना है कि सूचना मिलते ही पुलिस कॉल किया था, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची और आरोपी फरार हो गए। पिछले 19 दिसंबर से अब तक यह चौथी बार है, जब इस तरह बस रोककर मारपीट की गई है। पुलिस सामान्य धाराओं में केस दर्ज कर खानापूर्ति कर लेती है। कई बार बदमाश कैश भी लूट ले जाते हैं। जनकपुर के 8 बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
जनकपुर गांव के आदतन बदमाश भानू गुर्जर, श्याम वीर गुर्जर, श्रीराम गुर्जर, मंटो गुर्जर, गुरु दयाल गुर्जर और उनके तीन अन्य साथियों ने बस को ओवरटेक कर रोका। उन्होंने 42 वर्षीय ड्राइवर विजय परमार को जबरन नीचे उतारा और बेरहमी से पीटा। बदमाशों ने धमकी दी कि ‘किसी को भी बुला ले, गाड़ी नहीं चलेगी।’ एक यात्री ने चुपके से इस घटना का वीडियो बना लिया है। मारपीट के दौरान बस में चीख-पुकार मच गई। एक महिला यात्री कह रही थी, “ड्राइवर की क्या गलती है? ड्राइवर को पीटोगे तो हम कहां जाएंगे, बस कौन चलाएगा?” लेकिन नशे में धुत बदमाशों ने उसकी एक नहीं सुनी और ड्राइवर पर डंडे बरसाते रहे। जब पुलिस नहीं पहुंची तो बस ऑपरेटर दिनेश सिकरवार ने अपने कुछ लोगों को मौके पर भेजा। रात 2 बजे सिविल लाइन थाने में बस को खड़ा कराया गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस से रवाना किया गया। आरोपियों ने पीटा, कैश छीनकर ले गए
घायल चालक विजय परमार ने बताया, आरोपियों ने गंगापुर हनुमान मंदिर के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली आगे अड़ाकर मारपीट की, जिससे दोनों पैर टूट गए। रास्ते के खर्च और डीजल के लिए 14 हजार रुपए कैश रखे थे, जिन्हें आरोपी छीन ले गए। मारपीट के दौरान आरोपियों ने वहां मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन भी बंद करवा दिए थे। बस मालिक बोले- टैक्स भरने की सजा मिल रही है
बस मालिक दिनेश सिकरवार ने बताया, मैं पिछले 20 साल से एक नंबर में बस चला रहा हूं। मार्च 2026 तक का टैक्स और परमिट जमा है। मुझे ईमानदारी की सजा मिल रही है। अवैध बस संचालक, जिनके पास न परमिट है न कागज, वे धड़ल्ले से गाड़ियां चला रहे हैं और हम पर हमला करवा रहे हैं। पुलिस सिर्फ मारपीट का केस दर्ज करती है, लूट की रिपोर्ट नहीं लिखती। इसी वजह से बदमाशों के हौसले बुलंद हैं।” सीएसपी को घटना की जानकारी नही
जब सीएसपी दीपाली चंदेरिया से बात की गई तो उन्होंने कहा, “रात को घटना हुई है, लेकिन मुझे टीआई ने जानकारी नहीं दी है। मैं पूछकर ही कुछ स्पष्ट कर पाऊंगी।” यह बयान पुलिस के कम्युनिकेशन गैप और लापरवाही को उजागर करता है। सिविल लाइन टीआई बोले- सराय छोला थाने का मामला
सिविल लाइन थाना टीआई के अनुसार, रात में मारपीट की घटना की सूचना मिलने पर लोग सिविल लाइन थाना पहुंचे थे। मारपीट की जानकारी देने पर पुलिस ने घायलों को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया था। घटना सराय छोला क्षेत्र की है, इसलिए जांच वहीं की जाएगी। मारपीट का वीडियो अभी नहीं देखा है। यह घटना 15 दिनों में चौथी बार सामने आई है। यह घटना सही है या इसके पीछे कोई षड्यंत्र है, इसकी भी जांच की जाएगी। अब तक चीर बस चालकों के साथ हुई मारपीट
जानकारी के अनुसार, 20 दिसंबर की रात भानू गुर्जर ने जय भारत ट्रैवल्स की परमिट वाली बस को रोक लिया था। उसने साथियों के साथ मिलकर बस से सवारियों को उतरवाया और अपनी गैर-परमिट वाली बस में बैठा लिया। जय भारत ट्रैवल्स के ड्राइवर ने इसका विरोध किया। इसके बाद आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस घटना के बाद से विवाद लगातार जारी है। आरोपियों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हुईं, लेकिन सामान्य मारपीट की धाराओं में होने के कारण उन्हें तुरंत जमानत मिल गई। इसके बाद से आरोपी जय भारत ट्रैवल्स की बसों को चलने नहीं दे रहे हैं। अब तक चार बार बस चालकों के साथ मारपीट की जा चुकी है। बस चालकों ने पैसे छुड़ाने की बात भी बताई थी, हालांकि दर्ज मामलों में इस संबंध में कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आया है। सराय छोला टीआई बोले- सिविल लाइन थाने का मामला
सराय छोला थाना प्रभारी एसआई केके सिंह के अनुसार घटना स्थल मेरे यहां की नहीं है। फरियादी के अनुसार घटना स्थल जो बताया गया है वह सिविल लाइन थाने में आता है। अब सिविल लाइन थाना प्रभारी ऐसा क्यों बोल रहे हैं वह वही बता सकते हैं। घटना की जानकारी भी मुझे आपके ऐप में लगी खबर से मिली। मैं रात भर से यहां बैठा हूं पर कोई नहीं आया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *