पचपदरा पुलिस ने फतेहगढ़ से ब्यावर के बीच बिछाई जा रही हाई ट्रांसमिशन लाइन से केबल चोरी की वारदातों के गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर 2 क्विंटल केबल बरामद कर चोरी में प्रयुक्त गाड़ी को जब्त किया गया। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 9.5 क्विंटल केबल व तीन वाहनों को जब्त किया गया है। 2 फरवरी को नवातला-बड़नावा सरहद में हुई चोरी की वारदात पर स्टारलाइट कंपनी के सलाहकार मुरलीधर गौड़ ने पचपदरा थाना में रिपोर्ट पेश कर बताया कि राजीव नगर, नवातला में 3500 किलो एल्युमिनियम केबल चोर ले गए। टीम ने आरोपी इलियास खां पुत्र रिमजान खां, निवासी गंगापुरा थाना पचपदरा व कबाड़ी मूलाराम पुत्र राणाराम व मुकेश पुत्र भलाराम निवासी रेलवे स्टेशन समदड़ी, हाल मंडापुरा को गिरफ्तार किया। वहीं चोरी में प्रयुक्त गाड़ी को जब्त कर 6 क्विंटल एल्युमिनियम की केबल बरामद की गई। 8 फरवरी को आरोपी रोशन खां पुत्र फरीद खां निवासी गंगापुरा को गिरफ्तार किया। फतेहगढ़-ब्यावर हाई ट्रांसमिशन लाइन एक प्रमुख ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना है, जो राजस्थान के फतेहगढ़ III क्षेत्र से 20 गीगावाट सौर व पवन ऊर्जा को ब्यावर सब स्टेशन तक पहुंचाने के लिए विकसित की जा रही है। स्टारलाइट पॉवर की निर्मित 350 किमी लंबी 765 केवी लाइन राजस्थान व उत्तरी राज्यों की बिजली मांग को पूरा करेगी। इसके अलावा जिले में केंद्र सरकार के केंद्रीय लाइट प्राधिकरण से अलॉट केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी की एफ-3 बीटीएल ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इस लाइन पर 23 जनवरी की रात को गिड़ा परेऊ सरहद में चोरी की वारदात के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। गिड़ा सरहद में केबल चोरी के लिए चढ़े युवक मुकेश टॉवर से नीचे गिरन से मौत हो गई थी। बिजली लाइन पर चोरी की वारदात के दौरान जान गंवाने का खतरा बना रहता है। चोरी के दौरान एक युवक की मौत फिर भी सबक नहीं ले रहे चोर चोरी की वारदात के मुख्य सरगना आसीन उर्फ कोजे खां पुत्र सुमान खां निवासी सुनगरियानाडा गंगापुरा, केसरपुरा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर दो क्विंटल एल्यूमिनियम तार व बिना नंबरी गाड़ी को जब्त किया गया। पूछताछ के बाद बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से इसे न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया। वहीं घटना में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में थानाधिकारी अचलाराम ढाका, एसआई सोनाराम, हैड कांस्टेबल देदाराम, कांस्टेबल मेघाराम, सुरेंद्र कुमार, मांगीलाल, ठाकरसिंह, अशोक कुमार, चैनाराम व प्रेमाराम शामिल रहे।


