प्रदेश में सोमवार मध्यरात्रि से निजी बस ऑपरेटरों की ओर से शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते दूसरे दिन जिले में भी स्पष्ट रूप से असर देखने को मिला। निजी बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। निजी बसें नहीं चलने के कारण राजस्थान रोडवेज की बसों में यात्रियों की भीड़ नजर आई। शहर के छत्रियों का मोर्चा, नया बस स्टैंड, खेड़ रोड तथा समदड़ी रोड बस स्टैंड पर बुधवार को यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। निजी बसों के बंद रहने से यात्रियों का पूरा भार रोडवेज पर आ गया। बसें क्षमता से अधिक भरकर रवाना हुईं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को कठिनाई हुई। कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। मजबूरी में कई लोगों को निजी टैक्सियां व अन्य वाहन महंगे किराए पर बुक करने पड़े। वहीं प्रतिदिन बालोतरा शहर से करीब एक हजार से पंद्रह सौ यात्री विभिन्न अन्य राज्यों के लिए यात्रा करते हैं। सामान्य दिनों में बालोतरा से करीबन 40 से 45 निजी बसें अन्य राज्यों के लिए संचालित होती हैं, जिनसे यात्रियों को सीधी व नियमित सुविधा मिलती है। लेकिन हड़ताल के कारण इन बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। अचानक बसें बंद होने से कई यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी, जबकि कुछ को महंगे किराए पर वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। खासकर नौकरीपेशा, व्यापारिक कार्य से जाने वाले लोगों और मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी। इधर बस ऑपरेटरों ने बताया कि परिवहन विभाग के नए नियमों व सख्त प्रवर्तन नीतियों के विरोध में यह हड़ताल शुरू की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीओ व डीटीओ की कार्रवाई, भारी-भरकम चालान, आरसी निलंबन तथा नियमों का अचानक सख्ती से प्रवर्तन उनके आर्थिक आधार को प्रभावित कर रहा है। ऑपरेटरों ने सरकार से नियमों में राहत देने की मांग की है।


