शहर के नया बस स्टैंड के पास वीडियो गेम सेंटर की आड़ में संचालित ऑनलाइन कैसिनो (जुआघर) पर मंगलवार रात को पुलिस ने दबिश देकर 12 मशीनें जब्त कर लाखों रुपए के हिसाब-किताब की डायरियां व अन्य सामान जब्त किया। डीएसपी अनिल पुरोहित मय टीम ने हैयर सैलून के नीचे अंडरग्राउंड में चल रहे कैसिनो पर दबिश देकर कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही संचालक मौके से फरार हो गए। इस पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कैसिनो पर कार्रवाई देर रात तक जारी रही। मंगलवार देर शाम को मुखबिर की सूचना पर डीएसपी अनिल पुरोहित ने नया बस स्टैंड के पास पालिका बाजार में माई लुक हेयर सैलून के अंडरग्राउंड में चल रहे कैसिनो पर दबिश दी। मौके पर ऑनलाइन जुआ खेलने की 12 मशीनें जब्त की गई। वहीं हिसाब-किताब की डायरियां व अन्य सामान जब्त किए गए। जांच के दौरान जुआरियों की ओर से लगाई गई 2 करोड़ 88 लाख 22 हजार रुपए व जुआ आश्याय मुनाफा राशि 76 लाख 56 हजार 250 रुपए का हिसाब-किताब मिला। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही संचालक पहले से ही फरार हो गए। इस पर पुलिस न सामग्री जब्त कर आरोपी गोविंदसिंह, हड़मतसिंह व हीरालाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई में वृत्त कार्यालय के एएसआई गोविंदराम, शिवलाल, कांस्टेबल विरेंद्र कुमार, नंदसिंह व फरसाराम शामिल रहे। ऑनलाइन कैसिनो और जुआघर युवाओं को जल्दी पैसा कमाने का भ्रम देते हैं। शुरुआत में मनोरंजन या शौक के तौर पर जुड़ने वाले युवा धीरे-धीरे लत का शिकार हो जाते हैं। पढ़ाई, कॅरियर और परिवार से ध्यान भटक जाता है। हार की भरपाई के लिए फिर से दांव लगाने की मानसिकता उन्हें कर्ज और आर्थिक संकट की ओर धकेल देती है। कई मामलों में अवसाद, तनाव और आपराधिक गतिविधियों की ओर झुकाव भी देखने को मिलता है। बालोतरा जैसे शहर में यदि इस तरह के अंडरग्राउंड कैसिनो सक्रिय रहेंगे तो यह सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करेंगे। बेरोजगार या पढ़ाई कर रहे युवाओं को आसान कमाई का लालच देकर गलत राह पर ले जाया जा सकता है। परिवारों की जमा-पूंजी दांव पर लग सकती है और कलह बढ़ सकती है।


