हाई प्रोटीन फूड्स बढ़ा सकते हैं पाचन संबंधी परेशानियां

भास्कर न्यूज। लुधियाना। गर्मियों का मौसम जहां शरीर को ठंडा और हल्का भोजन करने की मांग करता है, वहीं कुछ लोग स्वाद के चक्कर में हैवी नॉनवेज फूड्स जैसे चिकन, मटन और अंडा अधिक मात्रा में खा लेते हैं। यह आदत न केवल पाचन पर असर डालती है, बल्कि कई तरह की बीमारियों को भी न्योता देती है। डॉक्टरों और डाइट एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मियों में शरीर की पाचन क्षमता सामान्य से थोड़ी कमजोर हो जाती है। ऐसे में हैवी प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन गैस, एसिडिटी, अपच, फूड पॉइजनिंग और फूड इंफेक्शन का कारण बन सकता है। गर्मी के मौसम में खानपान को लेकर सजगता जरूरी है। स्वाद से ज्यादा सेहत को प्राथमिकता दें और संभव हो तो नॉनवेज का सेवन कम करें या कुछ हफ्तों के लिए पूरी तरह बंद करें। इससे न केवल शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस करेगा, बल्कि पेट और त्वचा सं धी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है। गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और हल्के भोजन की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में शाकाहारी विकल्प न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर होते हैं, बल्कि पचाने में भी आसान होते हैं। दालें, पनीर, दही, छाछ, मौसमी फल और हरी सब्जियां इस मौसम के लिए आदर्श आहार माने जाते हैं। शरीर का तापमान गर्मियों में स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, ऐसे में अधिक तला-भुना या हैवी भोजन लेने से पाचन तंत्र पर द​बाव पड़ता है, लेकिन दालों से मिलने वाला प्रोटीन, पनीर और दही से मिलने वाला कैल्शियम और छाछ जैसी चीजें शरीर को ठंडक देती हैं और आंतों की सेहत को बनाए रखती हैं। फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा और आम शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और जरूरी मिनरल्स की पूर्ति करते हैं। हरी सब्जियां भी विटामिन और फाइबर से भरपूर होती हैं, जो शरीर को डीटॉक्स करने में मदद करती हैं। इस मौसम में पानी की कमी न हो, इसके लिए दिनभर खूब पानी, नींबू पानी और छाछ पीना चाहिए। गर्मियों में खानपान हल्का, पौष्टिक और हाइड्रेटिंग होना चाहिए ताकि लू, थकान और पाचन संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। शाकाहारी भोजन इस संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। गर्मी में वातावरण में तापमान अधिक होने के कारण मांसाहारी खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो जाते हैं और उनमें बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है। अगर इन चीजों को ठीक से स्टोर न किया जाए या अच्छे से न पकाया जाए, तो यह शरीर में जाकर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती है। खासतौर पर सड़क किनारे मिलने वाले नॉनवेज स्ट्रीट फूड से तो बिल्कुल दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि वहां सफाई का स्तर संतोषजनक नहीं होता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में अगर नॉनवेज खाना ही है तो सप्ताह में एक बार और कम मात्रा में ही खाएं। मटन की जगह अंडा या हल्का उबला चिकन बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही नॉनवेज को अच्छे से पकाएं और खाने के तुरंत बाद भारी काम न करें।

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