भास्कर न्यूज | जालंधर सिविल अस्पताल में 24 वर्षीय गर्भवती महिला को नया जीवनदान मिला है। हालांकि गर्भवती महिला की दाखिल होने के दौरान हालत नाजुक बनी थी। इस दौरान महिला को उल्टी, दौरे पड़ रहे थे, तो आंखों की रोशनी भी खत्म हो चुकी थी। ऐसे में महिला को 3 फरवरी को इमरजेंसी में दाखिल किया। महिला ने एक शिशु को जन्म दिया और आंखों की रोशनी भी सामान्य हो गई। इस तरह का केस अस्पताल प्रशासन में पहला है। अब महिला की स्थिति सामान्य बनी है। जीटीबी नगर निवासी गर्भवती महिला सविता पत्नी धर्मराज को सिविल अस्पताल में डिलीवरी के लिए दाखिल कराया। सिविल अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में डिलीवरी के लिए दाखिल किया। महिला पूर्ण अवधि की गर्भावस्था के साथ आई थी। 5 से 6 बार उल्टी, दृष्टि का धुंधलापन और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द था। उसे तुरंत लेबर रूम में दाखिल कराया। महिला का बीपी बढ़ने से स्थिति नाजुक थी। इलाज के दौरान दौरे पड़ रहे थे और दृष्टि की हानि हो चुकी थी। चिकित्सा विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ की राय ली गई। ऐसे में हाईरिस्क प्रेग्नेंसी का केस होने पर तुरंत इमरजेंसी में दाखिल कराया। वहीं, 3 फरवरी को महिला ने नवजात शिशु को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत भी सामान्य बनी है। इस संबंध में एसएमओ डॉ. वरिंदर कौर थिंद ने कहा कि 3 फरवरी को रात 9:45 बजे नवजात शिशु को जन्म दिया। अब ऑपरेशन के बाद मां और बच्चे की हालत ठीक है। सिविल अस्पताल में दाखिल महिला से बात करते चिकित्सा अधिकारी। सिविल अस्पताल के गायनी विभाग में जनवरी में 716 गर्भवती महिलाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 530 डिलीवरी हुई है। हालांिक गायनी विभाग में महिलाओं का विश्वास बढ़ता जा रहा है। यहां तक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की डिलीवरी सफल हो रही है।


