भास्कर न्यूज | लुधियाना नगर निगम हाउस को बने एक साल पूरा होने पर पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला, जब मेयर इंदरजीत कौर द्वारा बुलाया गया ग्रुप फोटोशूट और लंच कार्यक्रम सियासी खींचतान की भेंट चढ़ गया। मेयर की ओर से निगम के सभी 95 पार्षदों को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन कार्यक्रम में महज करीब 50 पार्षद ही पहुंचे। विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने इस कार्यक्रम का पूरी तरह बायकाट कर दिया। इंडोर स्टेडियम में रखे गए इस आयोजन में आम आदमी पार्टी की महिला पार्षदों के साथ उनके पारिवारिक सदस्य भी मौजूद रहे, लेकिन ग्रुप फोटोशूट के दौरान मेयर इंदरजीत कौर के साथ कांग्रेस के कम पार्षद नजर आए। कांग्रेस के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, सीनियर पार्षद गौरव भट्टी समेत अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने साफ कहा कि जब तक मेयर की ओर से कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के साथ कथित पक्षपात बंद नहीं किया जाता, तब तक ऐसे किसी भी निमंत्रण का बायकाट जारी रहेगा। कांग्रेसी पार्षदों का आरोप है कि उनके वार्डों के विकास कार्य जानबूझकर लटकाए जा रहे हैं और सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि वे भी जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं, ऐसे में उनके वार्डों के काम करवाना मेयर की जिम्मेदारी है। कांग्रेस का कहना है कि पहले वार्डों के लंबित कार्य पूरे किए जाएं, पार्षदों की बात सुनी जाए और विकास कार्यों में रुकावट न डाली जाए, तभी ऐसे आयोजनों में शामिल होने पर विचार किया जाएगा। कांग्रेस पार्षदों ने यह भी संकेत दिया कि निगम में सत्ताधारी दल की मनमानी को वे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसी रणनीति के तहत उन्होंने बुधवार के इस कार्यक्रम से दूरी बनाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, मेयर इंदरजीत कौर ने कांग्रेस पार्षदों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। यह नगर निगम हाउस के एक साल पूरे होने पर सभी पार्षदों को एक मंच पर लाने का प्रयास था। इसमें किसी पार्टी के आधार पर कोई टैगिंग नहीं की गई। मेयर ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों ने बेवजह राजनीतिक स्टंट किया है, जिससे कार्यक्रम की गरिमा पर कोई असर नहीं पड़ा। मेयर ने दावा किया कि जनरल हाउस मीटिंग में सभी पार्षदों को बोलने का पूरा मौका दिया गया है। जिन पार्षदों का कहना है कि उनके वार्डों के काम नहीं हो रहे, उनके पास इसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। मेयर ने कहा कि वे हर वार्ड की जानकारी सार्वजनिक करने को तैयार हैं कि किस पार्षद ने कब-कब विकास कार्य पास करवाए हैं।


